त्वरित लिंक्स
History of India
18 views
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. दिल्ली - जॉन निकोलसन और हडसन
- 2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेनरी लॉरेंस
- 3. कानपुर - सर कॉलिन कैंपबेल और विरार
- 4.
झाँसी और ग्वालियर - सर ह्यू रोज़ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को कुचलने के लिए अपने अनुभवी सैन्य अधिकारियों को नियुक्त किया था। दिल्ली में विद्रोह का दमन जॉन निकोलसन और हडसन ने किया था। लखनऊ में सर कॉलिन कैंपबेल, आउट्राम और हैवलॉक ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि शुरुआती दौर में हेनरी लॉरेंस रेजिडेंसी की रक्षा करते हुए मारे गए थे। कानपुर में विद्रोह का दमन मुख्य रूप से सर कॉलिन कैंपबेल द्वारा किया गया था (इसलिए युग्म 3 गलत है क्योंकि 'विरार' जैसा कोई प्रमुख अधिकारी इस संदर्भ में सही नहीं है)। झाँसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के विरुद्ध ब्रिटिश सेना का नेतृत्व सर ह्यू रोज़ ने किया था। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक चरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1651 में बंगाल के सूबेदार शाहशुजा द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को 'निशान' प्रदान किया गया था, जिसके तहत कंपनी को एकमुश्त 3000 रुपये वार्षिक भुगतान के बदले बंगाल में कर-मुक्त व्यापार करने का अधिकार मिल गया था।
2. वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए ऐतिहासिक 'शाही फरमान' के द्वारा ब्रिटिश कंपनी को बंगाल, गुजरात और हैदराबाद में बिना किसी अतिरिक्त कर के व्यापार करने की अनुमति दी गई, तथा कंपनी को कलकत्ता के आसपास के 38 गाँवों को किराए पर लेने का अधिकार भी प्राप्त हुआ।
3. फर्रुख्शियर के इस फरमान के तहत कंपनी को अपने नाम के सिक्के ढालने की अनुमति तो मिल गई थी, किंतु कंपनी के अधिकारियों द्वारा अपने निजी व्यापार के लिए इस 'दस्तक' (पास) के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए बंगाल के नवाब मुर्शिद कुली खान ने कड़े प्रतिबंध लागू किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
किस वर्ष मुगलों के हाथ से "कंधार" हमेशा के लिए निकल गया और फारस के शाह का अधिकार हो गया?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेना में पुरानी 'ब्राउन बैस' मस्कट बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड' राइफल को शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें प्रयोग होने वाले कारतूस के कागज के आवरण को लोड करने से पहले दांत से काटना पड़ता था और यह अफवाह तेजी से फैली कि उस आवरण में गाय और सुअर की चर्बी का लेप लगाया गया है।
2. जनवरी 1857 में दमदम (Dum Dum) छावनी में तैनात एक भारतीय लस्कर (भारतीय सिपाही) ने सबसे पहले चर्बी वाले कारतूस के प्रयोग के खिलाफ खुलकर विरोध जताया था, जिसे उच्च अधिकारियों ने तुरंत खारिज करते हुए इस नई राइफल के प्रयोग को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था।
3. बैरकपुर छावनी की 34वीं नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए ब्रिटिश एडजुटेंट लेफ्टिनेंट ह्यू बॉग और सार्जेंट मेजर ह्यूसन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई थी।
4. मंगल पांडे की फांसी के तुरंत बाद बैरकपुर छावनी के सभी सैनिकों ने एकजुट होकर अंग्रेजों के विरुद्ध खुलेआम सशस्त्र विद्रोह का ऐलान कर दिया था और उसी दिन सामूहिक रूप से दिल्ली की ओर कूच कर गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और बाद में 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, जातिगत कठोरताओं और सती प्रथा जैसी कुप्रथाओं का पुरजोर विरोध किया, किंतु वे पश्चिमी आधुनिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पूरी तरह विमुख रहे।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय तथा सभी ज्ञान का स्त्रोत माना, साथ ही उन्होंने शुद्धि आंदोलन के माध्यम से उन हिंदुओं को वापस हिंदू धर्म में लाने का प्रयास किया जिन्होंने किन्हीं कारणों से अन्य धर्म अपना लिए थे।
3. महाराष्ट्र में प्रार्थना समाज (स्थापना 1867) के संस्थापकों, जैसे महादेव गोविंद रानडे और आत्माराम पांडुरंग, ने मुख्य रूप से अंतरजातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा और दलित उत्थान जैसे सामाजिक सुधारों पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित किया था।
4. स्वामी विवेकानंद ने 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों का प्रचार करना था, जबकि वे समाज सेवा और व्यावहारिक वेदांत को धर्म का अंग नहीं मानते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक समारोह का संचालन करने वाले विद्वान गंगाभट्ट कहाँ के निवासी थे?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.