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History of India
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, आर्थिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना के लिए 'दाग' (घोड़ों को दागना) और 'चेहरा' (सैनिकों का हुलिया दर्ज करना) प्रणाली की शुरुआत की तथा बाजार नियंत्रण नीति के तहत खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं के मूल्य निर्धारित करने के लिए 'शहना-ए-मंडी' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की।
- 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ (देवगिरि) स्थानांतरित की और राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सांकेतिक मुद्रा (Token Currency) के रूप में तांबे और कांसे के सिक्के चलवाए, जिन्हें सोने और चांदी के सिक्कों के समकक्ष मान्यता दी गई।
- 3. फ़िरोज़ शाह तुगलक ने किसानों को राहत देने के लिए तक्क़वी ऋणों को पूरी तरह से माफ कर दिया, तथा सिंचाई के विकास के लिए पाँच बड़ी नहरों का निर्माण करवाया और 'हक-ए-शर्ब' नामक सिंचाई कर लागू किया।
- 4. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में पहली बार शुद्ध अरबी के सिक्के—चांदी का टंका और तांबे का जीतल—प्रचलित किए तथा 'तुर्कान-ए-चहलगानी' (चालीस गुलाम सरदारों का दल) का गठन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। अलाउद्दीन खिलजी ने सैन्य सुधारों के अंतर्गत 'दाग' और 'चेहरा' प्रणाली के साथ-साथ बाजार नियंत्रण की कठोर व्यवस्था लागू की थी। मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी परिवर्तन और सांकेतिक मुद्रा (तांबे और कांसे के सिक्के) का प्रयोग किया था, जिसे राजकीय टकसाल द्वारा नियंत्रित किया गया था। फ़िरोज़ शाह तुगलक ने किसानों के कृषि ऋण (सोंदल/तक्क़वी) माफ किए, नहरों का जाल बिछाया और शरियत के अनुसार 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) लगाया। इल्तुतमिश ने शुद्ध अरबी सिक्के (टंका और जीतल) चलाए और 'चहलगानी' का गठन किया। इस कालखंड के विस्तृत इतिहास के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लागू की गई आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) द्वारा हिंदू कानून में संशोधन किया गया, जिसके तहत पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकार के अधिकार को धर्म परिवर्तन से जोड़ दिया गया, जिससे रूढ़िवादी भारतीयों में यह आशंका उत्पन्न हुई कि यह कानून ईसाई धर्म अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है।
2. ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेवा Enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के अंतर्गत बंगाल आर्मी के नए रंगरूटों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुद्र पार विदेश में भी सेवा देनी होगी, जिसे तत्कालीन भारतीय समाज की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र पार करना 'धर्म भ्रष्ट' माना जाता था।
3. लार्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झांसी जैसी रियासतों का अंग्रेजी साम्राज्य में विलय कर दिया गया, जिससे इन रियासतों के आश्रित सैनिकों, शिल्पकारों और पारंपरिक अभिजात वर्ग में कंपनी के प्रति भारी आर्थिक और सामाजिक असंतोष फैल गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के स्वरूप और उसके मूल्यांकन के संबंध में विभिन्न ब्रिटिश तथा भारतीय इतिहासकारों के प्रसिद्ध मतों और कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम था, न ही राष्ट्रीय था और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।" – डॉ. आर.सी. मजूमदार
2. "यह सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था, जो विदेशी शासन के विरुद्ध एक जन-विद्रोह के रूप में प्रकट हुआ।" – वी.डी. सावरकर
3. "यह केवल सिपाही विद्रोह था, जो ब्रिटिश राज के विरुद्ध चर्बी वाले कारतूसों और सेना की कुंठाओं का परिणाम मात्र था।" – सर जॉन सीले
4. "यह धर्म का युद्ध था, जिसमें असंतुष्ट बर्बर और प्रतिक्रियावादी तत्व रूढ़िवादी परंपराओं की रक्षा के लिए सभ्यता और प्रगति के विरुद्ध लड़ रहे थे।" – टी.आर. होम्स
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा से हटाकर कहाँ स्थापित की और उसका नाम क्या रखा?
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अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आजाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा दिया गया 'करेंगे या मरेंगे' (Do or Die) का नारा वस्तुतः हिंसक संघर्ष का आह्वान था, जिसके तहत कांग्रेस नेतृत्व ने आंदोलन के प्रथम चरण में ही देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों, तारघरों और सरकारी भवनों पर सशस्त्र कब्जा करने की सुनियोजित योजना बनाई थी।
2. जापान की सहायता से पुनर्गठित 'आजाद हिंद फौज' (INA) का सर्वोच्च नेतृत्व संभालने से पूर्व सुभाष चंद्र बोस ने जर्मनी में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की थी तथा बर्लिन रेडियो से प्रसारण के माध्यम से महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था।
3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना हुई, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, ताम्रलिप्ती (बंगाल) में 'जातीय सरकार' के रूप में, और सतारा में 'पर्ति सरकार' (अग्रणी वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकार थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकथा पद्धति' थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी होती थी, और राजकुमार शुक्ल के विशेष आग्रह पर महात्मा गांधी ने चंपारण की यात्रा की थी।
2. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान, जब गुजरात के खेड़ा जिले में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, तब बॉम्बे सरकार ने भू-राजस्व में शत-प्रतिशत राहत (पूर्ण माफी) प्रदान करने की किसानों की मांग को तत्काल स्वीकार कर लिया था क्योंकि वहाँ प्लेग की महामारी भी फैली हुई थी।
3. वर्ष 1918 के अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन में गांधीजी ने पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का प्रयोग किया था, जो मिल मालिकों और श्रमिकों के बीच 'प्लेग बोनस' को समाप्त करने के विरोध में था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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