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History of India
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और अशोक के धम्म तथा शिलालेखों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के 'सप्तांग सिद्धांत' का प्रतिपादन किया गया है, जिसके अनुसार राजा (स्वामी) सर्वोच्च अंग है, तथा इसमें राज्य के सात अंगों — स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, बलय, मित्र और कोश — का विस्तृत विवरण मिलता है।
  2. 2. अशोक के अधिकांश शिलालेखों और स्तंभ लेखों में प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी लिपि का प्रयोग किया गया है, किंतु उत्तर-पश्चिम भारत (वर्तमान पाकिस्तान क्षेत्र) से प्राप्त शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में, जबकि कंधार (अफ़ग़ानिस्तान) से प्राप्त द्विभाषी अभिलेख यूक्रीनी (ग्रीक) और अरामइक् लिपि में उत्कीर्ण हैं।
  3. 3. अशोक के 'धम्म महामात्र' (Dhamhamahamatta) नामक अधिकारियों की नियुक्ति उनके राज्याभिषेक के चौदहवें वर्ष में की गई थी, जिनका मुख्य कार्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार करना, कल्याणकारी कार्य करना और कैदियों के रिहाई या उनकी सजा को कम करने की सिफारिश करना था।
  4. 4. मौर्य प्रशासन में प्रांतीय शासन व्यवस्था के तहत साम्राज्य चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित था, जिनकी राजधानियाँ तक्षशिला, उज्जैन, सौराष्ट्र और सुवर्णगिरि थीं, तथा इन प्रांतों का प्रशासन 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' नामक राजवंश के राजकुमारों द्वारा संचालित किया जाता था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सप्तांग सिद्धांत (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, सेना और मित्र) का वर्णन किया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि अशोक के अभिलेखों की भाषा प्राकृत और लिपि ब्राह्मी थी, लेकिन उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी तथा कंधार में ग्रीक एवं अरामइक् लिपियों का प्रयोग हुआ है। कथन 3 गलत है क्योंकि अशोक द्वारा 'धम्म महामात्र' नामक अधिकारियों की नियुक्ति अपने राज्याभिषेक के **तेरहवें** वर्ष में नहीं बल्कि **चौदहवें** वर्ष में नहीं बल्कि **तेरहवें** वर्ष के तुरंत बाद यानी धम्म की स्थापना के संदर्भ में विभिन्न शिलालेखों (जैसे पंचम शिलालेख) में मिलती है; इसके अतिरिक्त अशोक ने अपने राज्याभिषेक के **बारहवें वर्ष** में 'प्रादेशिक', 'राजुक' और 'युक्तक' अधिकारियों को धम्म प्रचार के लिए भेजा था और 'धम्म महामात्रों' की नियुक्ति का स्पष्ट उल्लेख **पाँचवें शिलालेख** में अपने राज्याभिषेक के 13वें वर्ष में मिलता है (चौदहवें वर्ष में नहीं)। कथन 4 सही है क्योंकि मौर्य साम्राज्य के प्रांतों में तक्षशिला, उज्जैन, तोसली, सुवर्णगिरि और पाटलिपुत्र शामिल थे (सौराष्ट्र प्रांत की राजधानी गिरिनगर थी, जहाँ पुष्यगुप्त वैश्य और तुषास्प जैसे गवर्नर रहे)। चूँकि कथन 3 में वर्ष संबंधी सूक्ष्म तथ्य में त्रुटि है, सही उत्तर विकल्प (c) होगा। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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