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History of India
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनसे संबंधित संस्थाओं तथा उनके संस्थापकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. परमहंस मंडली (1849) — दादोबा पांडुरंग और बापू पांडुरंग द्वारा बंबई में स्थापित, जिसका मुख्य उद्देश्य जातिगत बंधनों को तोड़ना, मूर्तिपूजा का विरोध करना और मानव बंधुत्व को बढ़ावा देना था।
  2. 2. वेद समाज (1864) — के. श्रीधराुलु नायडू और केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से मद्रास में स्थापित, जिसे 'दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज' भी कहा जाता है और जिसने जाति व्यवस्था तथा बाल विवाह का खुलकर विरोध किया।
  3. 3. देव समाज (1887) — शिव नारायण अग्निहोत्री द्वारा लाहौर में स्थापित, जिसका मुख्य बल आत्मा की अमरता, गुरु की सर्वोच्चता और उच्च नैतिक तथा सात्विक जीवन पर था।
  4. 4. सेवा सदन (1915) — पंडित रमाबाई द्वारा पुणे में स्थापित, जिसका मुख्य उद्देश्य उच्च जाति की बाल विधवाओं को शिक्षित करना और उन्हें समाज में सम्मानित जीवन प्रदान करना था।

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

युग्म 1 सही है: परमहंस मंडली की स्थापना 1849 में बंबई में दादोबा पांडुरंग, बापू पांडुरंग और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी। यह एक गुप्त समाज था जिसका उद्देश्य जाति व्यवस्था को समाप्त करना और धार्मिक पाखंडों का विरोध करना था। युग्म 2 सही है: वेद समाज की स्थापना मद्रास (चेन्नई) में 1864 में केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से के. श्रीधराुलु नायडू और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी, जिसे दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज माना जाता है। युग्म 3 सही है: देव समाज की स्थापना 1887 में लाहौर में शिव नारायण अग्निहोत्री द्वारा की गई थी, जो ब्रह्म समाज के पूर्व अनुयायी थे। इसमें आत्मा की शुद्धि, गुरु की महत्ता और नैतिक आचरण पर विशेष जोर दिया गया था। युग्म 4 गलत है: 'सेवा सदन' की स्थापना पुणे में 1915 में मुख्य रूप से जी.के. देवधर (गोपाल कृष्ण देवधर) और रमाबाई रानाडे द्वारा की गई थी, न कि केवल पंडित रमाबाई द्वारा। पंडित रमाबाई ने 'शारदा सदन' की स्थापना की थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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निम्नलिखित में से 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा पुनः अधिकृत किए गए संबंधित क्षेत्रों/केंद्रों का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? मोहम्मद बिन तुगलक ने "दोआब" क्षेत्र (गंगा-यमुना के बीच) में कर वृद्धि कितनी की थी? छठी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित 'सोलह महाजनपदों' और 'मगध साम्राज्य के उत्थान' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिसमें वज्जी और मल्ला जैसे महाजनपद राजतंत्रात्मक शासन प्रणालियों के स्थान पर शक्तिशाली गणतंत्रात्मक (संघ) व्यवस्था के उदाहरण थे। 2. मगध साम्राज्य के उत्थान में उसकी भौगोलिक स्थिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी, विशेषकर उसकी प्रारंभिक राजधानी राजगीर (गिरिव्रज) का पांच पहाड़ियों से घिरा होना और बाद में पाटलिपुत्र का गंगा, सोन तथा गंडक नदियों के संगम पर स्थित होना, जिससे सामरिक सुरक्षा और जल-व्यापार दोनों सुलभ हो गए थे। 3. हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक संबंधों (जैसे कौशल, वैशाली और मद्र कुल में विवाह) की नीति अपनाई, जबकि उसके पुत्र अजातशत्रु ने अपने प्रधानमंत्री वस्सकार की कूटनीति के माध्यम से लिच्छवियों के संघ को पराजित कर मगध में मिला लिया था। 4. मगध के उत्थान का एक अन्य प्रमुख कारण प्रचुर मात्रा में लोहे के भंडारों की उपलब्धता था, जिसका उपयोग हथियारों और कृषि उपकरणों को बनाने में किया गया, किंतु मगध की सेना में हाथियों के व्यापक प्रयोग की शुरुआत मौर्य काल से पहले संभव नहीं हो पाई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक विकास, धार्मिक नीतियों और सैन्य प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुस्पासिह-सिंहस्पा' प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके तहत मनसबदारों को अपने नियत सवार पद से दोगुने घोड़े रखने की अनुमति दी जाती थी और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलता था। 2. शाहजहां के शासनकाल में भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'दहशाल' पद्धति को और अधिक कठोरता से लागू किया गया, तथा फसल के नुकसान के आकलन के लिए पारंपरिक 'नस्क' या 'बटाई' पद्धति को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। 3. औरंगजेब के शासनकाल में संगीत पर आधिकारिक प्रतिबंध लगा दिया गया था, किंतु उसके काल में शाही दरबार में फारसी भाषा में ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे जाने की परंपरा को उसने पूर्व की भांति राजकीय संरक्षण प्रदान करना जारी रखा। 4. मुगल सम्राटों में अकबर ने सर्वप्रथम राजपूतों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने आमेर के राजा भारमल की पुत्री से विवाह किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930-31) और उसके पश्चात हुए गांधी-इरविन समझौते (1931) के वैقारिक एवं राजनीतिक आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नवम्बर 1930 में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन का कांग्रेस ने पूर्ण बहिष्कार किया, क्योंकि वायसराय लॉर्ड इरविन ने कांग्रेस के समक्ष पूर्ण स्वराज्य या औपनिवेशिक स्वराज्य (Dominion Status) की मांग पर विचार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। 2. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत सरकार ने उन सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करने पर सहमति व्यक्त की जिन पर हिंसा के गंभीर आरोप (हत्या आदि) सिद्ध हो चुके थे, तथा समुद्र के किनारे नमक बनाने का अधिकार केवल व्यावसायिक स्तर पर भारतीयों को प्रदान किया गया। 3. कराची में मार्च 1931 में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में गांधी-इरविन समझौते का अनुमोदन किया गया और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने 'मौलिक अधिकार और आर्थिक नीति' संबंधी ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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