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History of India
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महात्मा गांधी के भारत आगमन और उनके प्रारंभिक सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से लौटने के पश्चात गांधीजी ने गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह पर एक वर्ष तक देश का भ्रमण किया और 1916 के लखनऊ अधिवेशन में राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर चंपारण जाने का निर्णय लिया।
  2. 2. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय बागवानों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया' प्रथा के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था, जिसे गांधीजी के विरोध के बाद सरकार द्वारा पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
  3. 3. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में गांधीजी ने फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश सरकार द्वारा लगान वसूली के निर्णय के खिलाफ किसानों को 'लगान न देने' (No-Tax Campaign) का स्पष्ट आह्वान किया, जिसमें इंदुलाल याज्ञनिक और वल्लभभाई पटेल ने उनका सक्रिय सहयोग किया।
  4. 4. अहमदाबाद मिल हड़ताल के दौरान गांधीजी ने प्लेग बोनस को लेकर मिल मालिकों और मजदूरों के बीच मध्यस्थता की और भारत में पहली बार सफल 'आमरण अनशन' (Hunger Strike) का प्रयोग करते हुए मजदूरों की मांग को स्वीकार करवाने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) के दौरान गांधीजी ने मजदूरों की मजदूरी में 35% वृद्धि की मांग को लेकर 'भूख हड़ताल' (आमरण अनशन नहीं, बल्कि एक निश्चित अवधि की भूख हड़ताल) का प्रयोग किया था, जो भारत में उनका पहला वास्तविक भूख हड़ताल प्रयोग था। चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक घटनाक्रम की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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