त्वरित लिंक्स
History of India
1 views
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस तथा आज़ाद हिंद फौज के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन ज़ीरो आवर्स' (Operation Zero Hour) के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को रातों-रात गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया था।
- 2. आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना हुई, जिनमें बलिया में चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में, ताम्रलिक्त (बंगाल) में 'जातीय सरकार' और सतारा में वाई.बी. चव्हाण तथा नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' सबसे लंबी समय तक चलने वाली सरकार थी।
- 3. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में ब्रिटिश खुफिया नजरबंदी से बचकर 'ग्रेट एस्केप' किया और पेशावर तथा काबुल के रास्ते जर्मनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बर्लिन रेडियो से प्रसारण करते हुए पहली बार महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था।
- 4. सिंगापुर के पतन के पश्चात जापानी सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए भारतीय युद्धबंदियों को लेकर रास बिहारी बोस और मेजर इवाइची फुजिवारा के प्रयासों से 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) का औपचारिक गठन हुआ, जिसका सर्वोच्च कमांड बाद में सुभाष चंद्र बोस को सौंपा गया और उन्होंने रंगून से 'दिल्लीचलो' का नारा दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में ऐतिहासिक 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित हुआ और इसके अगले ही दिन (9 अगस्त 1942 की सुबह) 'ऑपरेशन ज़ीरो आवर्स' के तहत गांधीजी, नेहरू, पटेल समेत सभी प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। भूमिगत प्रतिरोध के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में समानांतर सरकारें बनीं, जैसे बलिया, ताम्रलिक्त और सतारा (जहाँ नाना पाटिल की 'प्रति सरकार' सबसे लंबे समय तक चली)। सुभाष चंद्र बोस ने 1941 के 'ग्रेट एस्केप' के बाद जर्मनी से ही बर्लिन रेडियो के माध्यम से 6 जुलाई 1944 को महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। सिंगापुर में रास बिहारी बोस और जापानी अधिकारियों की मदद से आज़ाद हिंद फौज की स्थापना हुई, जिसका नेतृत्व बाद में सुभाष बाबू ने संभाला। इस ऐतिहासिक संघर्ष के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा 1815 में स्थापित 'आत्मीय सभा' ने एकेश्वरवाद के प्रचार और मूर्तिपूजा के विरोध का समर्थन किया, जबकि उनके द्वारा 1828 में स्थापित ब्रह्म समाज ने वेदों की अचूकता (Infallibility) और उनके दिव्य होने के सिद्धांत को पूरी तरह स्वीकार किया था।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और पाखंड खंडनी पताका फहराते हुए मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, अवतारवाद तथा जन्मजात जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध किया था।
3. प्रार्थना समाज के संस्थापकों ने अंतर्जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा और दलित उत्थान जैसे सामाजिक सुधारों पर विशेष बल दिया, और इसकी प्रेरणा केशव चंद्र सेन की महाराष्ट्र यात्रा से मिली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की प्रशासनिक और सांस्कृतिक प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने शासनकाल में 'मत्तविलासं प्रहसन' नामक प्रसिद्ध नाटक की रचना की, और पाशुपत शैव धर्म अपनाने से पूर्व वे जैन धर्म के अनुयायी थे।
2. बादामी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय की 'ऐहोल प्रशस्ति' के अनुसार, उसने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, तथा इस प्रशस्ति की भाषा प्राकृत और लिपि खरोष्ठी है।
3. चोल प्रशासन के दौरान ग्रामीण स्वशासन के अंतर्गत 'वरियम' (समितियों) के सदस्यों के चयन के लिए 'कुडवोलाई' (Kudavolai) नामक पर्ची-डालकर चुनाव पद्धति का विस्तृत वर्णन उत्तरमेरूर शिलालेखों में मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वैदिक सभ्यता एवं वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में पुरोहितों को दक्षिणा के रूप में मुख्य रूप से गायें और घोड़े दिए जाते थे, जबकि कृषि भूमि के निजी स्वामित्व या उसके क्रय-विक्रय का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलता है।
2. उत्तर वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (जिसे 'कृष्ण अयस्क' कहा गया है) के कारण कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई, जिससे कबीलाई समाज ('जन') के स्थान पर बड़े क्षेत्रीय राज्यों या जनपदों का उदय हुआ।
3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि से जुड़ी सभी प्रमुख क्रियाओं—जुताई, बुआई, कटाई और मड़ाई का विस्तृत विवरण मिलता है, तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदा नीरा (गंडक नदी) की ओर पूर्वी प्रसार का उल्लेख है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) से लेकर सूरत विभाजन (1907) तक के कालखंड में नरम दल और गरम दल के वैचारिक संघर्ष, रणनीतियों तथा राष्ट्रीय आंदोलन के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के प्रारंभिक 'नरमपंथी' चरण (1885-1905) के नेताओं का मुख्य विश्वास 'ब्रिटिश न्यायप्रियता' में था, और वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए मुख्य रूप से प्रार्थना, याचिका, प्रतिनिधिमंडल और प्रेस के माध्यम से 'संवैधानिक आंदोलन' की नीति पर चलते थे जिसे गरम दल के नेताओं ने 'राजनीतिक भिक्षावृत्ति' (Political Mendicancy) कहा था।
2. वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में उपजे स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान गरम दल के नेताओं (लाल-बाल-पाल तथा अरविंद घोष) ने इस आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखने के बजाय पूरे देश में फैलाने तथा ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ 'निष्क्रिय प्रतिरोध' (Passive Resistance) और स्वराज प्राप्ति का सीधा आह्वान किया था।
3. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) को अपने लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया, किंतु गरम दल और नरम दल के वैचारिक मतभेदों के कारण वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का औपचारिक विभाजन हो गया और संगठन पर नरमपंथियों का नियंत्रण हो गया।
4. सूरत विभाजन के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने गरम दल के नेताओं के विरुद्ध कठोर दमन चक्र चलाया, जिसके तहत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर 6 वर्ष के कारावास के लिए मांडले (बर्मा) भेज दिया गया, जबकि लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल को भी निर्वासित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सल्तनत काल में "नहरों का निर्माण" करवाने वाला प्रथम सुल्तान कौन था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.