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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की परिपक्व अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित नगरों और उनकी विशिष्ट पुरातात्विक विशेषताओं पर विचार कीजिए:
- 1. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) का उपयोग संभवतः किसी अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसके उत्तर और दक्षिण दोनों सिरों पर नीचे उतरने के लिए सीढ़ियाँ बनी हुई हैं और जल रिसाव को रोकने के लिए बिटुमिन (तारकोल) की परत का उपयोग किया गया था।
- 2. लोथल में प्राप्त 'गोदीवाड़ा' (Dockyard) एक पकी हुई ईंटों से निर्मित विशाल संरचना थी, जो खंभात की खाड़ी से जुड़े एक नाके के माध्यम से समुद्र से जुड़ी हुई थी और यहाँ से फारसी मुहरें एवं मनके प्राप्त होना इसके बाह्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार का साक्ष्य प्रस्तुत करता है।
- 3. कालीबंगा के उत्खनन से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं जहाँ एक ही साथ दो फसलें (सरसों और चने) उगाने की पद्धति का आभास होता है, तथा यहाँ से प्राप्त 'अग्नि कुंड' (Fire Altars) धार्मिक अनुष्ठानों और यज्ञीय परंपराओं की उपस्थिति को दर्शाते हैं।
- 4. चन्हुदड़ो एक ऐसा प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल था जो दुर्गीकृत (Fortified) था और यहाँ से मनके बनाने के कारखाने के साथ-साथ वक्राकार ईंटें तथा हाथी के शिकार का साक्ष्य भी प्रचुर मात्रा में मिला है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार सिंधु सभ्यता की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमें जल रोकने के लिए बिटुमिन का प्रयोग हुआ था। लोथल का गोदीवाड़ा (Dockyard) समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र था। कालीबंगा से जुते हुए खेत और अग्नि कुंड के साक्ष्य मिले हैं। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि चन्हुदड़ो एक ऐसा एकमात्र प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल है जो **दुर्गीकृत (Fortified) नहीं था**, जबकि वहाँ मनके बनाने के कारखाने और वक्राकार ईंटों के साक्ष्य अवश्य मिले हैं। इस महान सभ्यता के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान कन्नौज सभा का आयोजन चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का प्रचार करना और हीनयान तथा अन्य संप्रदायों पर उसकी श्रेष्ठता स्थापित करना था।
2. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक विजय का विस्तृत विवरण हमें कांचीपुरम के मुक्ताईश्वर मंदिर के शिलालेख में मिलता है।
3. पल्लव वंश के शासक नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी (बादामी) पर आक्रमण कर चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया और 'वातापिकोण्ड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी।
4. तंजौर के प्रसिद्ध राजराजेश्वर (बृहदेश्वर) मंदिर का निर्माण चोल राजा राजराज प्रथम द्वारा कराया गया था, जो द्रविड़ वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति है और इसकी दीवारों पर चोल साम्राज्य के नौसेना अभियानों का वर्णन मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोही ताकतों के नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और उनके प्रमुख सहयोगियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने विद्रोह का नेतृत्व संभाला और स्वयं को पेशवा घोषित करते हुए ब्रिटिश रेजिडेंट सर ह्यू व्हीलर की सेना को आत्मसमर्पण करने के लिए विवश किया।
2. तात्या टोपे, जो नाना साहब के अत्यंत विश्वासपात्र और सैन्य कमांडर थे, ने कानपुर की सेना का प्रभावी सैन्य संचालन किया तथा ब्रिटिश सेनापति जनरल विंडहम को कानपुर के समीप पराजित करने में मुख्य भूमिका निभाई।
3. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और दूत थे, ने विद्रोह की कूटनीतिक रणनीति तैयार करने तथा विदेशी ताकतों (विशेषकर तुर्की और रूस) से संपर्क साधने और समर्थन प्राप्त करने के लिए लंदन तक की यात्रा की योजना बनाई थी।
4. कानपुर में ब्रिटिश सेना की पुनः प्राप्ति के बाद सर कॉलिन कैंपबेल ने विद्रोही नेतृत्व को पूरी तरह कुचल दिया, जिसके परिणामस्वरूप नाना साहब और अजीमुल्ला खां अंग्रेजों के हाथ लग गए जिन्हें तुरंत फांसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और प्रारंभिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत आने वाला पहला पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा वर्ष 1498 में कालीकट पहुँचा था, जहाँ स्थानीय शासक 'जमूरिन' ने पारंपरिक व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों (अरब व्यापारियों) के विरोध के बावजूद उसका स्वागत किया था।
2. पुर्तगालियों ने भारत में अपनी प्रारंभिक सत्ता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 1505 में फ्रांसिस्को डी अल्मेडा को भारत का प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनाकर भेजा, जिसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल नीति) की शुरुआत की ताकि हिंद महासागर के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित किया जा सके।
3. भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क को माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगाली मुख्यालय बनाया और भारतीयों के साथ वैवाहिक संबंधों को प्रोत्साहित कर सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था।
4. ब्रिटिश ईस्ट India कंपनी ने भारत में अपनी पहली स्थायी व्यावसायिक फैक्ट्री की स्थापना सूरत में वर्ष 1613 में जहांगीर के फरमान से की थी, जबकि इससे पूर्व वर्ष 1611 में उन्होंने मुसूलीपट्नम (मछलीपट्टनम) में अपनी प्रथम फैक्ट्री स्थापित कर ली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे के सैन्य अभियानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में ब्रिटिश जनरल सर ह्यूरोज द्वारा झाँसी के किले की घेराबंदी किए जाने पर रानी लक्ष्मीबाई ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अंग्रेजों से भयंकर संघर्ष करते हुए कालपी सुरक्षित पहुँच गईं, जहाँ तात्या टोपे की सेना ने उन्हें सामरिक सहायता प्रदान की।
2. कालपी के युद्ध में पराजय के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और सिंधिया शासक जयाजीराव सिंधिया की सेना को पराजित कर ग्वालियर के सामरिक दुर्ग पर अधिकार कर लिया, जहाँ नाना साहब को औपचारिक रूप से पेशवा घोषित किया गया।
3. ग्वालियर के पतन के उपरांत ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज द्वारा पुनः अधिकार करने के लिए किए गए अंतिम निर्णायक आक्रमण के दौरान 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोतकी-सराय में लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं।
4. रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु के पश्चात तात्या टोपे मध्य भारत के जंगलों में चले गए, जहाँ उन्होंने लंबे समय तक गोरिल्ला युद्ध का सफल संचालन किया, किंतु अंततः उनके ही एक विश्वासघाती जमींदार (मानसिंह) के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों द्वारा पकड़ लिया गया और शिवपुरी में फाँसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के प्रारंभिक उत्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय (बौद्ध ग्रंथ) और भगवती सूत्र (जैन ग्रंथ) में सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें अवंती, गांधार, और कंबोज जैसे महाजनपद दक्षिण भारत के गोदावरी नदी घाटी क्षेत्र में स्थित थे।
2. मगध साम्राज्य के शुरुआती उत्थान में उसकी सामरिक और भौगोलिक स्थिति की अहम् भूमिका थी; इसकी पहली राजधानी 'गिरिव्रज' (राजगीर) पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण प्राकृतिक रूप से सुरक्षित थी तथा इसके पास प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क के भंडार उपलब्ध थे।
3. हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वैवाहिक संबंधों की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने कौशल, मल्ल और वज्जि संघ के राजकुलों से वैवाहिक गठबंधन किए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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