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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी में भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन और व्यापारिक बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में सबसे पहले आने वाले और सबसे अंत में जाने वाले पुर्तगालियों ने अल्बुकर्क के वायसराय काल में 1510 ई. में बीजापुर के शासक यूसुफ आदिल शाह से गोवा को छीनकर उसे अपनी मुख्य व्यापारिक और सामरिक राजधानी बनाया था।
  2. 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने पश्चिमी तट पर अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री वर्ष 1613 में सूरत में स्थापित की थी, जिसकी अनुमति उन्हें मुगल सम्राट जहाँगीर द्वारा सर थॉमस रो के माध्यम से जारी शाही फरमान के बाद मिली थी।
  3. 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना फ्रांसीसी मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में हुई थी, और उन्होंने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री फ्रैंक कैरो के नेतृत्व में सूरत में ही वर्ष 1668 में स्थापित की थी।
  4. 4. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने अपनी पहली व्यावसायिक कोठी वर्ष 1605 में मसूलीपट्टम में स्थापित की थी, और उन्होंने भारतीय वस्त्रों के व्यापार को बढ़ावा देते हुए मसालों के द्वीपसमूह (इंडोनेशिया) के साथ भारतीय कपड़ों का निर्यात बड़े पैमाने पर शुरू किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने 1510 में गोवा पर अधिकार किया। कथन 2 गलत है क्योंकि सूरत में पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति जहाँगीर द्वारा 1613 में कैप्टन विलियम हॉकिन्स के प्रयासों और बाद में थॉमस रो के प्रभाव से मिली थी, किंतु सूरत में फैक्ट्री की अनंतिम अनुमति से पहले ही मसूलीपट्टम में दक्षिण भारत की पहली फैक्ट्री लग चुकी थी और सूरत का फरमान हॉकिन्स के समय मिला था, तथापि जहाँगीर के दरबार में थॉमस रो राजदूत के रूप में आया था; इसके अलावा सूरत की फैक्ट्री 1613 में स्थापित हुई लेकिन थॉमस रो 1615 में आया था (अतः कथन 2 तथ्यात्मक रूप से कालक्रम में त्रुटिपूर्ण है)। कथन 3 और 4 पूरी तरह सही हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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