त्वरित लिंक्स
History of India
1 views
बिहार में 1857 के महान विद्रोह के दौरान वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व, सैन्य रणनीतियों तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वीर कुंवर सिंह ने आरा पर अधिकार करने के पश्चात अंग्रेजी सेना के विरुद्ध परंपरागत युद्धशैली का त्याग कर छापामार (गोरिल्ला) युद्ध प्रणाली को अपनाया और गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश सेनापति डगलस की गोलियों का सामना करते हुए अपने बाएं हाथ को काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
- 2. अमर सिंह ने वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत जगदीशपुर के जंगलों, कैमूर की पहाड़ियों और रोहतास के क्षेत्रों से ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व जारी रखा और ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देते हुए अपनी स्वतंत्र सरकार स्थापित कर ली थी।
- 3. अमर सिंह द्वारा संचालित इस समानांतर प्रशासन और सैन्य अभियानों का दमन करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने मेजर जनरल डगलस और विंसेंट आयर को विशेष रूप से नियुक्त किया था, जिन्होंने कैमूर की पहाड़ियों में कड़े संघर्ष के बाद इस विद्रोह को पूरी तरह कुचला।
- 4. वर्ष 1858 के अंत में नेपाल के तराई क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के साथ हुई एक अंतिम झड़प में अमर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे, जिसके साथ ही बिहार में 1857 के विद्रोह की अंतिम संगठित ज्वाला समाप्त हो गई थी.
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिहार में 1857 के विद्रोह के महानायक विकिपीडिया संदर्भ वीर कुंवर सिंह ने आरा से लेकर आजमगढ़ तक अपनी अद्भुत सैन्य कुशलता का परिचय दिया। गंगा पार करते समय हाथ में गोली लगने पर उन्होंने स्वयं अपना हाथ काटकर गंगा में बहा दिया था। उनकी मृत्यु (26 अप्रैल 1858) के बाद उनके छोटे भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजी सेना के खिलाफ समानांतर सरकार चलाकर लंबे समय तक सशस्त्र संघर्ष जारी रखा। हालांकि, अमर सिंह की मृत्यु नेपाल की तराई में नहीं बल्कि दिसंबर 1859 में गोरखपुर के जंगलों में गिरफ्तारी के बाद हुई थी और उन्हें लखनऊ के चारबाग में जेल के दौरान अतिसार (पेचिश) से मृत्यु हुई थी, इसलिए कथन 4 असत्य है।
Related Questions
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के संचालन और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने किया था, जिन्होंने खुद को पेशवा घोषित करते हुए ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था।
2. तात्या टोपे ने नाना साहब के सेनापति के रूप में सैन्य संचालन की कमान संभाली और बाद में ग्वालियर के सैनिकों को अपने पक्ष में करके ब्रिटिश सेनापति जनरल विंडहम को कानपुर के निकट पराजित किया था।
3. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और कूटनीतिक रणनीतिकार थे, ने विद्रोह के समर्थन में लंदन तक दूत के रूप में प्रयास किया था और विद्रोही ताकतों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
4. कानपुर में भीषण संघर्ष के उपरांत ब्रिटिश सेनापति सर कोलिन कैंपबेल ने विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया, जिसके बाद नाना साहब और तात्या टोपे ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था तथा उन्हें बरी कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सिंचाई कर (Haq-i-Sharb) की दर उपज का कितना भाग होती थी?
→
बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों, उनके संगीति इतिहास तथा संघ के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध दर्शन के अनुसार संसार का मूल आधार 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (कारण-कार्य सिद्धांत) है, जो यह मानता है कि प्रत्येक वस्तु किसी न किसी पूर्ववर्ती कारण से उत्पन्न होती है, जबकि जैन धर्म का 'स्याद्वाद' (सप्तभंगीनय) ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत है।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के अनुयायी मोक्ष प्राप्ति के लिए वस्त्र त्याग कर पूर्ण नग्न रहना अनिवार्य मानते हैं, जबकि दिगंबर संप्रदाय के भिक्षु श्वेत वस्त्र धारण करते हैं।
3. बौद्ध संघ की सदस्यता के प्रारंभिक काल में जाति या लिंग का कड़ा बंधन नहीं था, और महात्मा बुद्ध के सौतेले भाई व शिष्य आनंद के विशेष अनुरोध पर संघ में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी, जिसमें सबसे पहले उनकी माता महाप्रजापति गौतमी को दीक्षित किया गया था।
4. जैन संघ के इतिहास में आयोजित प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें जैन धर्म के मूल उपदेशों को संकलित करने के लिए बारह अंगों का निर्माण किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सुमेलित है/हैं?
1. जॉन निकलसन - दिल्ली
2. कॉलिन कैंपबेल - कानपुर और लखनऊ
3. मेजर जनरल हैवलॉक - इलाहाबाद और बनारस
4. ह्यूरोज - झाँसी और ग्वालियर
→
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 'नरम दल' और 'गरम दल' के वैचारिक दृष्टिकोण, कार्यप्रणाली और उनके ऐतिहासिक संघर्षों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नरमपंथी नेताओं का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर धीरे-धीरे संवैधानिक सुधार प्राप्त करना था, और वे अपनी प्रार्थना, प्रतिवेदन और शिष्टमंडल (Prayers, Petitions, and Protests) की नीति को 'राजनीतिक भिक्षावृत्ति' (Political Mendicancy) कहते थे।
2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उत्पन्न स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को पूरे देश में विस्तारित करने को लेकर नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच गहरा मतभेद था, जहाँ गरमपंथी इसे केवल बंगाल तक ही सीमित रखना चाहते थे जबकि नरमपंथी इसे पूरे देश में फैलाना चाहते थे।
3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन का मुख्य कारण अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उपजा विवाद था, जहाँ गरमपंथी लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जबकि नरमपंथियों ने रासबिहारी घोष को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित करा लिया था।
4. कांग्रेस के 1916 के लखनऊ अधिवेशन में ए. सी. मजूमदार की अध्यक्षता में नरम दल और गरम दल का पुनर्मिलन हुआ, तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ समझौता' (Lucknow Pact) संपन्न हुआ जिसके तहत कांग्रेस ने पहली बार लीग की पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग को अनौपचारिक रूप से स्वीकार किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.