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History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा एक शाही चार्टर प्रदान किया गया था, जिसके तहत उसे पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था और यह एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए स्थायी था।
  2. 2. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ और उसने अंग्रेजों के लिए सूरत में एक स्थायी कारखाना स्थापित करने तथा मुगल साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापारिक छूट प्राप्त करने का शाही फरमान हासिल किया था।
  3. 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना वर्ष 1664 में लुई चौदहवें के मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से हुई थी, और उन्होंने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1668 में सूरत में स्थापित की थी।
  4. 4. बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की सुदृढ़ स्थापना से पूर्व वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फारुकसियर द्वारा जारी किए गए एक ऐतिहासिक फरमान (जिसे अंग्रेजों द्वारा 'मैग्नाकार्टा' कहा गया) के तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में 3000 रुपये वार्षिक कर के बदले मुक्त व्यापार करने का असीमित अधिकार मिल गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 को दिए गए शुरुआती चार्टर में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को केवल 15 वर्षों के लिए व्यापारिक एकाधिकार दिया गया था, जिसे बाद में आवश्यकतानुसार बदला और बढ़ाया गया था। कथन 2, 3 और 4 पूरी तरह सत्य हैं। सर थॉमस रो ने जहांगीर के दरबार से व्यापारिक रियायतें प्राप्त की थीं, फ्रांसीसी कंपनी की स्थापना कोल्बर्ट के अधीन 1664 में हुई थी, और फारुकसियर का 1717 का फरमान कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ था। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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