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History of India
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भारत नाम की उत्पति का सम्बंध प्राचीन काल के किस प्रतापी राजा से है ?

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भारत नाम की उत्पति का सम्बंध प्राचीन काल के किस प्रतापी राजा से है ?
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झलकी की संधि (1752) पेशवा और किसके बीच हुई थी? खिलजी वंश के शासन का ऐतिहासिक महत्व क्या है? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में 'मलिक मुंतखब', 'अरिज़-ए-मुमालिक' और 'दीवान-ए-कोही' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'दीवान-ए-कोही' विभाग की स्थापना सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि का विकास करना, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना और किसानों को त्कावी (सौंधार) ऋण प्रदान करना था। 2. 'अरिज़-ए-मुमालिक' सैन्य विभाग का प्रमुख अधिकारी होता था, जिसका मुख्य कार्य सैनिकों का हुलिया रखना, घोड़ों को दागना (दाग प्रथा) और सेना का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना था, जिसकी शुरुआत खिलजी वंश के सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी ने की थी। 3. सल्तनत काल में 'मलिक मुंतखब' या प्रांतीय स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी प्रांतीय राजस्व के संग्रहण और सैन्य व्यवस्था के बीच समन्वय स्थापित करते थे, जबकि 'बरीद-ए-मुमालिक' राज्य का मुख्य गुप्तचर अधिकारी होता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? जून 1947 की माउंटबेटन योजना तथा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें बुलाई जाएंगी, जहाँ दोनों प्रांतों के हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के विधायक अलग-अलग बैठकर यह निर्णय लेंगे कि उनके प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं। 2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ विलय होगा, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) का आयोजन किया गया था, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान का बहिष्कार किया था। 3. ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना का प्रावधान किया गया, तथा लॉर्ड माउंटबेटन को दोनों नए डोमिनियंस के संयुक्त रूप से पहले गवर्नर-जनरल के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई थी। 4. इस अधिनियम में यह भी स्पष्ट किया गया था कि रियासतों (Princely States) पर ब्रिटिश आधिपत्य समाप्त हो जाएगा और उनके पास किसी भी डोमिनियन में शामिल होने या अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने का पूर्ण विकल्प होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगलकालीन प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर के शासनकाल में 'मंसबदारी प्रणाली' की शुरुआत की गई थी, जिसमें मीर बख्शी का विभाग मंसबदारों के वेतन और उनकी सैनिक टुकड़ियों के निरीक्षण के लिए उत्तरदायी था, किंतु 'जात' और 'सवार' पदों का स्पष्ट विभाजन सर्वप्रथम जहांगीर के शासनकाल में 'दो-अस्पा सिह-अस्पा' प्रणाली के माध्यम से किया गया था। 2. शाहजहां के शासनकाल में स्थापित 'चहारबाग' शैली और वास्तुकला में संगमरमर के प्रयोग के साथ-साथ मनसबदारी व्यवस्था में 'माहवार' (मासिक वेतन) पैमाने को लागू किया गया, जिसके अंतर्गत मनसबदारों को वर्ष के महीनों के आधार पर जागीर से आय प्राप्त होती थी। 3. औरंगजेब के शासनकाल में मराठा सरदारों और दक्षिण के शासकों को अपने पक्ष में मिलाने के लिए मनसबदारी व्यवस्था में 'दक्खिनी' (Deccani) अमीरों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि की गई, जिसके परिणामस्वरूप 'जागीरों का संकट' (Crisis of Jagirs) और तीव्र प्रशासनिक गतिरोध उत्पन्न हो गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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