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History of India
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मौर्योत्तर काल और गुप्त साम्राज्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश ने शीशा (Lead), प्रोटीन, तांबा और चांदी के संकर धातुओं (Potin) से बने सिक्के बड़े पैमाने पर जारी किए, तथा उनकी आधिकारिक प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में सातवाहन राजवंश के अभिलेख प्राप्त होते हैं।
- 2. गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में चीनी बौद्ध यात्री फाह्यान भारत आया था, जिसने अपने यात्रा वृत्तांत 'फो-क्यो-की' में मध्य देश (गंगा घाटी) की समृद्धि, शांति, और दंड-विधान की कठोरता का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जहाँ मृत्युदंड का प्रावधान था।
- 3. गुप्त काल के दौरान वाकाटक राजवंश के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने के प्रभाव से चंद्रगुप्त द्वितीय ने पश्चिमी भारत के शक क्षत्रपों को पराजित कर 'शकारि' की उपाधि धारण की और इस विजय के उपलक्ष्य में पश्चिमी भारत में चांदी के सिक्कों का प्रचलन शुरू किया।
- 4. गुप्तकालीन वास्तुकला और मूर्तिकला के अंतर्गत देवगढ़ का दशावतार मंदिर (उत्तर प्रदेश) भारत के शुरुआती ईंटों और प्रस्तर निर्मित मंदिरों में से एक है, जिसमें भगवान विष्णु के शेषशायि रूप और नरसिंह अवतार का सुंदर अंकन मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: मौर्योत्तर काल में सातवाहन वंश ने शीशा (Lead) के सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन किया था, इसके अलावा वे पोटिन और तांबे के सिक्के भी जारी करते थे, और उनके अभिलेख प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण हैं। कथन 2 गलत है: चीनी यात्री फाह्यान (Faxian) ने अपने यात्रा वृत्तांत में मध्य देश की समृद्धि और शांति का वर्णन तो किया है, लेकिन उसने स्पष्ट लिखा है कि वहाँ दंड-विधान अत्यधिक नरम थे और सामान्यतः अपराधों के लिए केवल आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) लिया जाता था, मृत्युदंड का प्रावधान नहीं था। कथन 3 सही है: चंद्रगुप्त द्वितीय ने वाकाटक रानी प्रभावती गुप्त के साथ राजनीतिक गठबंधन और वैवाहिक संबंधों की सहायता से शकों के विरुद्ध अभियान चलाया और शक क्षत्रप रुद्रसिंह तृतीय को पराजित कर 'शकारि' की उपाधि धारण की तथा पश्चिमी भारत में चांदी के सिक्कों का प्रचलन किया। कथन 4 सही है: देवगढ़ का दशावतार मंदिर गुप्त काल का एक उत्कृष्ट मंदिर वास्तुकला का उदाहरण है, जो ईंटों और प्रस्तर (पत्थर) से निर्मित है तथा इसमें भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां उत्कीर्ण हैं। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली — जॉन निकलसन
2. लखनऊ — सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
3. झांसी और ग्वालियर — सर ह्यूरोज
4. रोहिलखंड — मेजर जनरल हैवलॉक
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह की बागडोर संभाली और ब्रिटिश रेजिडेंसी की घेराबंदी का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था।
2. 'फैजाबाद के मौलवी' के रूप में विख्यात अहमदुल्लाह शाह ने चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेनापति हेनरी लॉरेंस की सेना को पराजित करने में अहम सामरिक और रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया था।
3. अहमदुल्लाह शाह को पकड़वाने के लिए अंग्रेजों ने उन पर पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था, तथा अंततः पुवायां के एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी।
4. लखनऊ पर अंग्रेजों के पुनः अधिकार के बाद बेगम हजरत महल ने ब्रिटिश सेनाओं के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा आजीवन कारावास के लिए अंडमान निकोबार निर्वासित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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गाँव के दस्तावेजों और लेखों का रखरखाव करने वाला अधिकारी कौन होता था?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और असहयोग आंदोलन (1920-22) के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर महात्मा गांधी जब बिहार पहुँचे, तो चंपारण के ब्रिटिश जिलाधिकारी ने उन्हें तुरंत जिला छोड़ने का आदेश दिया, जिसके अनुपालन से इनकार करने पर गांधी जी पर मुकदमा चलाया गया, किंतु जन-दबाव के कारण सरकार को मुकदमे को वापस लेना पड़ा।
2. चंपारण के नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर लागू 'तीनकठिया पद्धति' के अंतर्गत किसानों को अपनी कुल कृषि योग्य भूमि के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना आवश्यक था।
3. असहयोग आंदोलन के दौरान नागपुर अधिवेशन (1920) में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन किया गया, जिसके तहत कांग्रेस के उद्देश्यों में 'शांतिपूर्ण और वैध साधनों' (Peaceful and legitimate means) द्वारा 'स्वराज' की प्राप्ति को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया।
4. असहयोग आंदोलन के स्थगन के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने महात्मा गांधी को मार्च 1922 में गिरफ्तार कर लिया और उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाकर छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, किंतु स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें दो वर्ष बाद ही रिहा कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, मनसबदारी प्रणाली और उसकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मनसबदारी व्यवस्था को औपचारिक रूप से अकबर द्वारा वर्ष 1595-96 में शुरू किया गया था, जिसमें प्रत्येक मनसबदार को 'जात' और 'सवार' पद प्रदान किए जाते थे जहाँ 'जात' उसके व्यक्तिगत दर्जे और वेतन को इंगित करता था तथा 'सवार' उसके द्वारा रखे जाने वाले घुड़सवार सैनिकों की संख्या को निर्धारित करता था।
2. जहांगीर के शासनकाल में मनसबदारी प्रणाली के अंतर्गत 'दो-अस्पा और सिह-अस्पा' (Do-aspa and Sih-aspa) की नवीन व्यवस्था जोड़ी गई, जिसके तहत चयनित मनसबदारों को बिना अपने 'जात' पद को बढ़ाए अतिरिक्त घुड़सवार सैनिक रखने की अनुमति दी जाती थी।
3. शाहजहां के शासनकाल के दौरान मनसबदारी प्रणाली में 'माहवार' (Month-scale) प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत यदि जागीर से प्राप्त होने वाला राजस्व पूरे बारह महीने के खर्च के बराबर होता था, तो उसे 'बारहमाहा' कहा जाता था, और आय घटने पर आनुपातिक रूप से वेतन घटा दिया जाता था।
4. औरंगजेब के शासनकाल में मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण 'जागीर संकट' (Crisis of Jagirs) उत्पन्न हो गया, क्योंकि उपलब्ध खाली जागीरें (पाइवली भूमि) मनसबदारों की तुलना में बहुत कम थीं, जिसके कारण सम्राट ने 'मशरूत' (सशर्त) पदों की व्यवस्था समाप्त कर दी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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