BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
2 views

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सूरत अधिवेशन (1907) और उसके पश्चात नरम दल तथा गरम दल के वैचारिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के निर्वाचन को लेकर नरमपंथियों ने रास बिहारी घोष के नाम का प्रस्ताव रखा, जबकि गरमपंथी चाहते थे कि लाला लाजपत राय या बाल गंगाधर तिलक को अध्यक्ष बनाया जाए।
  2. 2. इस अधिवेशन में गरम दल के नेताओं ने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रस्तावों को केवल बंगाल तक सीमित रखने का विरोध किया, जबकि नरमपंथी इन प्रस्तावों को पूरे देश में लागू करने के प्रबल समर्थक थे।
  3. 3. सूरत विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी रुख अपनाते हुए गरम दल के प्रमुख नेता बाल गंगाधर तिलक को राजद्रोह के आरोप में छह वर्ष की कैद की सजा देकर मंडाले (बर्मा) की जेल में भेज दिया था।
  4. 4. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन में डॉ. एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक के प्रयासों से कांग्रेस के दोनों गुट पुनः एक हो गए, तथा इसी अधिवेशन में मुस्लिम लीग के साथ भी ऐतिहासिक 'लखनऊ पैक्ट' संपन्न हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सूरत अधिवेशन (1907) में वैचारिक मतभेदों के कारण नरम दल और गरम दल के बीच विभाजन हो गया था। कथन 1 सही है क्योंकि नरमपंथी रास बिहारी घोष को अध्यक्ष बनाना चाहते थे जबकि गरमपंथी लाला लाजपत राय को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते थे। कथन 2 गलत है क्योंकि इसके विपरीत गरमपंथी स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रस्तावों को पूरे देश में लागू करना चाहते थे, जबकि नरमपंथी इन्हें केवल बंगाल तक सीमित रखना चाहते थे या उनका विरोध कर रहे थे। कथन 3 सही है, 1908 में तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर मंडाले जेल भेज दिया गया था। कथन 4 भी सही है, 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस के दोनों धड़े और कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता हुआ। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका तथा विद्रोही सिपाहियों और नेतृत्व की वास्तविक कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ के विद्रोही सिपाहियों द्वारा दिल्ली पहुँचने पर बहादुर शाह जफर ने तुरंत और उत्साहपूर्वक इस विद्रोह का नेतृत्व स्वीकार कर लिया था तथा वे स्वयं विद्रोही सेना के सक्रिय और सर्वोच्च सैन्य रणनीतिकार के रूप में युद्ध के मैदान में डटे रहे थे। 2. सम्राट बहादुर शाह जफर की अत्यधिक आयु और इस विद्रोह में उनकी अनिच्छुक संलिप्तता के कारण दिल्ली का वास्तविक सैन्य एवं प्रशासनिक नियंत्रण 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के हाथों में था, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों से आए निर्वाचित सिपाही निर्णय लेते थे। 3. बरेली से आए बख्त खान ने दिल्ली पहुँचकर मुगल दरबार और सैन्य व्यवस्था को पुनर्गठित करने का प्रयास किया, किंतु ब्रिटिश सेना द्वारा सितंबर 1857 में दिल्ली पर पुनः अधिकार कर लिए जाने के बाद जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और प्रमुख संगठनों के विकास के संदर्भ में, गदर पार्टी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाखना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट एसोसिएशन ऑफ अमेरिका' की स्थापना की गई थी, जिसे इसके मुखपत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में प्रसिद्धि मिली। 2. गदर पार्टी के सदस्यों ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में कार्यरत भारतीय सैनिकों के बीच विद्रोह भड़काने और देश के भीतर सशस्त्र क्रांति (गदर) लाने के उद्देश्य से 'जुगांतर आश्रम' को अपना मुख्य केंद्र बनाया था। 3. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन किया गया और इसका नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मार्क्सवादी विचारों से प्रेरित होकर समाजवाद की स्थापना करना था। 4. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका था, और इस घटना के पश्चात वे मौके से फरार हो गए तथा भूमिगत होकर लंबे समय तक क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल काल में जो भूमि दो या तीन वर्षों तक बिना जोते छोड़ी जाती थी, उसे क्या कहते थे? दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाला वह सुल्तान कौन था जो "हिंदू से मुसलमान" बना था? किस सुल्तान ने दिल्ली में "मदरसा-ए-फिरोजशाही" की स्थापना की थी?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.