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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. दिल्ली - जॉन निकलसन
  2. 2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
  3. 3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
  4. 4.

झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

1857 के महान विद्रोह को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार ने अपने सबसे अनुभवी सैन्य अधिकारियों को नियुक्त किया था। दिल्ली में विद्रोह का दमन जॉन निकलसन ने किया (जहाँ वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे), लखनऊ में सर कॉलिन कैंपबेल, सर हेनरी लॉरेंस और जेम्स आउट्राम ने विद्रोहियों का मुकाबला किया, कानपुर में जनरल हैवलॉक और नील ने शुरुआती दमन अभियान चलाया, तथा झांसी और ग्वालियर में सर ह्यूरोज ने रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे की सेनाओं को पराजित किया। इस प्रकार सभी युग्म सही सुमेलित हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों तथा इसके उदारवादी (नरम दल) और राष्ट्रवादी (गरम दल) चरणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशन (1885-1905) के दौरान नरमपंथी नेताओं ने ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास रखते हुए 'प्रार्थना और याचिका' की नीति अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1892 का भारत परिषद अधिनियम पारित हुआ, जिसमें विधान परिषदों में भारतीयों के लिए पहली बार अप्रत्यक्ष चुनाव और सीमित प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया गया। 2. वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन के दौरान कांग्रेस के भीतर वैचारिक मतभेद गहरे हो गए, तथा गरम दल के नेता (लाल-बाल-पाल और अरबिंदो घोष) इस आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखकर प्रशासनिक सुधारों तक ही सीमित रखना चाहते थे, जबकि नरमपंथी इसका विस्तार देशव्यापी रूप में करना चाहते थे। 3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के पीछे मुख्य तात्कालिक कारण अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर था, जहाँ नरमपंथियों ने रास बिहारी घोष को अध्यक्ष बनाने का समर्थन किया, जबकि गरम दल के नेताओं की इच्छा लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाने की थी। 4. सूरत विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी नीतियां अपनाते हुए गरम दल के प्रमुख नेताओं का दमन किया, जिसके तहत बालगंगाधर तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर छह वर्ष के कारावास के लिए मांडले (बर्मा) भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने 'गीता रहस्य' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मौर्य साम्राज्य के केंद्रीय प्रशासन, प्रांतीय व्यवस्था और प्रशासनिक अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य केंद्रीय प्रशासन का संचालन करने के लिए 'तीर्थ' नामक 18 महत्वपूर्ण उच्च अधिकारियों की एक श्रेणी थी, जिसमें 'समाहर्ता' (राजस्व संग्रहकर्ता) और 'संनिदाता' (कोषाध्यक्ष) सबसे प्रमुख अधिकारी थे। 2. अशोक के शिलालेखों और मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था के अनुसार, साम्राज्य में दंड विधान अत्यंत कठोर था, जिसमें प्रादेशिक, राजूक और युक्त नामक अधिकारी प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ न्यायिक शक्तियों का भी प्रयोग करते थे और अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 26वें वर्ष में कैदियों को तीन दिन की मोहलत (बन्दीमोचन) देने का नियम बनाया था। 3. मेगास्थनीज के 'इंडिका' के अनुसार मौर्य साम्राज्य में पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन का संचालन एक ऐसी परिषद द्वारा किया जाता था जो कुल 30 सदस्यों की थी और यह परिषद पांच-पांच सदस्यों की छह समितियों में विभाजित थी, जो शिल्प, विदेशियों, जन्म-मृत्यु, और कर संग्रह जैसे विभिन्न विभागों की देखरेख करती थी। 4. मौर्य प्रशासन में गुप्तचर व्यवस्था (गूढपुरुष) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था, जिसमें एक ही स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' तथा भ्रमण करके सूचनाएं एकत्र करने वाले गुप्तचरों को 'संचर' कहा जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? नाना साहेब (बालाजी बाजीराव) ने अपनी राजधानी कहाँ स्थानांतरित की थी? अकबर ने टोडरमल को "दीवान-ए-अश़रफ" का पद किस वर्ष दिया था? वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के पल्लव एवं चालुक्य राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्द्धन ने अपने शासनकाल के प्रारंभिक दौर में कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और धर्म की रक्षा के लिए 'महामोक्ष परिषद' का आयोजन प्रयाग में प्रत्येक पांचवें वर्ष किया करता था, जिसमें वह अपनी समस्त संपत्ति दान कर देता था। 2. बादामी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्द्धन को पराजित कर 'परमेश्वर' की उपाधि धारण की थी, तथा इस ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत विवरण पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' में मिलता है जिसकी रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी। 3. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित कर 'वातापीकोंड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी, और इसी के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम की यात्रा की थी। 4. कांची के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण पल्लव शासक राजसिंह (नंदिवर्मन द्वितीय) ने करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट और शुरुआती उदाहरण है, जिसमें पत्थरों को काटकर बनाए गए रथ मंदिरों का पूर्ण अभाव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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