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History of India
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मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल, उनके प्रशासन और अशोक की नीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्रीक लेखकों ने चंद्रगुप्त मौर्य को 'सैंड्रकोकोटस' (Sandrocottus) कहा है, जिसकी पहचान विलियम जोन्स ने सबसे पहले चंद्रगुप्त मौर्य के रूप में की थी, और प्लूटार्क के अनुसार चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस निकेटर के साथ हुए युद्ध के पश्चात उसे 500 हाथी उपहार में दिए थे और उसके बदले में एरियन, अराकोसिया और जेड्रोसिया के क्षेत्रों को प्राप्त किया था।
- 2. मेगस्थनीज, जो सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहा था और उसने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में मौर्य राजधानी पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन का विस्तृत विवरण देते हुए उल्लेख किया है कि नगर प्रशासन छह समितियों (प्रत्येक में पाँच सदस्यों) द्वारा चलाया जाता था।
- 3. अशोक के 'धम्म' का मूल उद्देश्य केवल बौद्ध धर्म का प्रचार करना था, और उसके अभिलेखों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि कलिंग युद्ध के बाद उसने अपनी सेना को पूरी तरह भंग कर दिया था तथा किसी भी प्रकार के सैन्य बल का प्रयोग करना सदा के लिए बंद कर दिया था।
- 4. मौर्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था में 'रज्जुक' (Rajjukas) नामक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की पैमाइश, न्याय प्रदान करने और जन-कल्याण के कार्यों के लिए जिम्मेदार थे, जिन्हें अशोक ने अपने शासनकाल में विशेष रूप से न्यायिक अधिकार प्रदान किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्रीक इतिहासकार स्ट्राबो, एरियन और प्लूटार्क ने चंद्रगुप्त मौर्य के लिए 'सैंड्रकोकोटस' नाम का प्रयोग किया है, जिसकी पहचान सर्वप्रथम सर विलियम जोन्स ने की थी। सेल्यूकस निकेटर के साथ 305 ईसा पूर्व के युद्ध के बाद हुई संधि में चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी दिए थे और बदले में एरिया (हरिअत), अराकोसिया (कंधार), जेड्रोसिया (बलूचिस्तान) और पैरोपैनिसेड (काबुल) के क्षेत्र प्राप्त किए थे। कथन 2 सही है; मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 30 सदस्यों की एक सभा द्वारा संचालित होता था जो छह समितियों में विभाजित थी (प्रत्येक में 5 सदस्य)। कथन 3 गलत है क्योंकि अशोक का 'धम्म' कोई नया धर्म या बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार नहीं था, बल्कि यह एक नैतिक आचार संहिता थी जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता और नैतिक उत्थान था। इसके अलावा, कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने अपनी सेना को भंग नहीं किया था और न ही पुलिस-सैन्य बल का प्रयोग पूरी तरह बंद किया था; उसने जनजातियों को चेतावनी भी दी थी कि उसके भीतर का क्षमाशील राजा जीवित है, अतः वे सुधर जाएँ। कथन 4 सही है; अशोक के स्तम्भ लेखों (विशेषकर चौथे स्तंभ लेख) में 'रज्जुक' अधिकारियों का उल्लेख मिलता है जिन्हें ग्रामीण प्रशासन, भूमि सर्वेक्षण और न्यायिक मामलों में व्यापक अधिकार दिए गए थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पैतृक संपत्ति में महिलाओं के अधिकारों के पूर्ण समर्थन का पुरजोर खंडन करते हुए एकेश्वरवाद की वकालत की थी।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और छुआछूत तथा जाति व्यवस्था की कठोरता को खारिज करते हुए 'शुद्धि आंदोलन' का प्रारंभ किया था।
3. केशव चंद्र सेन के नेतृत्व में ब्रह्म समाज के भीतर हुए वैचारिक मतभेदों के फलस्वरूप वर्ष 1866 में 'साधारण ब्रह्म समाज' का गठन हुआ, जिसने बाल विवाह और बहुविवाह के विरुद्ध कानूनी संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
4. प्रार्थना समाज (1867) के संस्थापकों में आत्माराम पांडुरंग के साथ-साथ महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर प्रमुख रूप से शामिल थे, जिन्होंने मुख्य रूप से अंतर-जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अगस्त 1942 में बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत सभी चोटी के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह नेतृत्वहीन हो गया और देश के कई हिस्सों में जनता ने स्वतःस्फूर्त होकर हिंसात्मक तरीकों, रेलवे लाइनों को उखाड़ने और समानांतर सरकारों की स्थापना का मार्ग चुना।
2. सतारा (महाराष्ट्र) में नाना पाटिल के नेतृत्व में स्थापित 'प्रति सरकार' भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बनी सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकारों में से एक थी, जिसने न्यायदान, खाद्यान्न वितरण और मालगुजारी संग्रहण जैसे प्रशासनिक कार्य सफलतापूर्वक संचालित किए।
3. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में कलकत्ता से गुप्त रूप से निकलकर (ग्रेट एस्केप) रूस के रास्ते जर्मनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और पहली बार 'जय हिन्द' का नारा दिया तथा बर्लिन रेडियो से भारतीयों को संबोधित करते हुए जर्मनी के सहयोग से 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) की पहली बटालियन का गठन किया।
4. जापान के नियंत्रण वाले सिंगापुर में रास बिहारी बोस के प्रयासों से वर्ष 1942 के अंत में आईएनए का पुनर्गठन किया गया, और जब सुभाष चंद्र बोस जून 1943 में पनडुब्बी द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया पहुँचे, तब उन्होंने सिंगापुर में अक्टूबर 1943 में 'आज़ाद भारत की अनंतिम सरकार' (अरगकुड़ हिंद) की स्थापना की घोषणा की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व व्यवस्थाओं—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा वर्ष 1793 में लागू किए गए 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के तहत जमींदारों को भूमि का स्थायी स्वामी मान लिया गया, जिन्हें ब्रिटिश सरकार को एक निश्चित भू-राजस्व राशि का 9/10 भाग देना होता था और शेष 1/10 भाग अपने प्रशासनिक व व्यक्तिगत खर्च के रूप में रखने की अनुमति थी।
2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू की गई 'रयतवारी व्यवस्था' (Ryotwari System) में ब्रिटिश सरकार और किसानों (रयतों) के मध्य सीधा समझौता होता था, जिसमें बीच के किसी भी बिचौलिए (जमींदार) को मान्यता नहीं दी गई थी और लगान की दरें भूमि की उर्वरता के आधार पर अत्यधिक उच्च निर्धारित की गईं थीं।
3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब क्षेत्र में लागू 'महालवारी व्यवस्था' (Mahalwari System) के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके पूरे गाँव या 'महाल' (गाँव के समूह) के स्तर पर किया जाता था, और राजस्व भुगतान की सामूहिक जिम्मेदारी पूरे ग्राम समुदाय या उसके मुखिया ('लंबरदार') की होती थी।
4. इन तीनों प्रमुख भू-राजस्व प्रणालियों में से 'स्थाई बंदोबस्त' के अंतर्गत कंपनी की आय हमेशा के लिए निश्चित हो गई थी, जबकि रयतवारी और महालवारी व्यवस्थाओं में कृषि उत्पादों के मूल्य में वृद्धि के साथ-साथ सरकार द्वारा लगान की दरों में बार-बार वृद्धि (पुनर्निर्धारण) की जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल की प्रशासनिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था तथा भूमि अनुदान (Land Grants) प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश द्वारा ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि या गाँवों के अनुदान देने की प्रथा को बड़े पैमाने पर आरंभ किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि का विस्तार करना और धार्मिक पुण्य अर्जित करना था।
2. गुप्त काल में 'अग्रहार' और 'ब्रह्मदेय' प्रकार के भूमि अनुदानों के माध्यम से स्थानीय प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी अनुदान प्राप्तकर्ताओं को हस्तांतरित होने लगे, जिससे सामंती व्यवस्था (Feudalism) के बीज अंकुरित होने लगे थे।
3. गुप्त सम्राटों के काल में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार के पतन के कारण सोने के सिक्कों का प्रचलन पूरी तरह बंद हो गया था, और व्यापारिक गतिविधियों के ठप होने से संपूर्ण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ग्रामीण और वस्तु-विनिमय पर आधारित हो गई थी।
4. गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था में तांबे के सिक्कों की प्रचुरता यह दर्शाती है कि सामान्य जनजीवन और दैनिक लेन-देन में मुद्रा अर्थव्यवस्था का व्यापक उपयोग होता था, जबकि बड़े पैमाने पर स्वर्ण सिक्के (दीनार) मुख्य रूप से उच्च वर्गीय व्यापार और संचय के साधन थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह का दमन करते हुए कश्मीरी गेट पर अधिकार प्राप्त किया और अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर मारे गए।
2. कॉलिन कैंपबेल — कानपुर और लखनऊ में विद्रोह का दमन करने तथा ब्रिटिश रेजिडेंसी को सुरक्षित मुक्त कराने के लिए सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया।
3. जेम्स आउट्राम — लखनऊ में कैंपबेल की सहायता करने के साथ-साथ मुख्य रूप से झांसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई के विरुद्ध सैन्य अभियान का नेतृत्व किया।
4. ह्यूरोज़ — मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र में विद्रोह का दमन करते हुए झांसी तथा ग्वालियर पर पुनः अधिकार प्राप्त किया।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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