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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के प्रवेश और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा सत्ता स्थापना के प्रारंभिक चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (EIC) को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा एक शाही चार्टर (राजकीय अधिकार पत्र) प्रदान किया गया था, जिसके तहत उसे पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला, और कैप्टन विलियम हॉकिन्स वर्ष 1608 में 'हेक्टर' नामक जहाज लेकर मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में सूरत में फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति मांगने पहुँचा था।
- 2. जहाँ शुरुआती दौर में पुर्तगालियों के कड़े विरोध के कारण अंग्रेजों को सूरत में स्थायी फैक्ट्री स्थापित करने में कठिनाई हुई, वहीं 1612 के 'स्वाली के नौसैनिक युद्ध' (Battle of Swally) में थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में अंग्रेजी नौसेना ने पुर्तगाली बेड़े को पराजित कर दिया, जिससे प्रभावित होकर जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की शाही अनुमति प्रदान कर दी थी।
- 3. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के आधिकारिक राजदूत के रूप में सर थॉमस रो भारत आए और उन्होंने मुगल दरबार में तीन वर्षों तक रहकर सम्राट जहांगीर एवं राजकुमार खुर्रम से ऐसे व्यापारिक अधिकार और रियायतें प्राप्त कीं, जिनके बल पर अंग्रेजों ने भारत के विभिन्न हिस्सों में अपनी व्यावसायिक बस्तियों (फैक्ट्रियों) का तेजी से विस्तार किया।
- 4. बंगाल के क्षेत्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को अपनी पहली महत्वपूर्ण व्यावसायिक सफलता वर्ष 1651 में हुगली नदी के तट पर फैक्ट्री स्थापित करने के साथ मिली, और बंगाल के सूबेदार शाह शुजा द्वारा 'निशान' (शाही आदेश) जारी किए जाने के बाद अंग्रेजों को एक निश्चित वार्षिक कर के बदले बंगाल, बिहार और उड़ीसा में कर-मुक्त व्यापार करने का असीमित अधिकार तुरंत प्राप्त हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं क्योंकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को 1600 में चार्टर मिला, कैप्टन हॉकिन्स 1608 में सूरत आया, 1612 के स्वाली के युद्ध में अंग्रेजों ने पुर्तगालियों को हराया जिससे जहांगीर ने सूरत में फैक्ट्री की अनुमति दी, और 1615 में सर थॉमस रो राजदूत बनकर आए थे। कथन 4 गलत है क्योंकि 1651 में शाह शुजा द्वारा दिए गए 'निशान' से हुगली में व्यापार की अनुमति जरूर मिली थी, किंतु बंगाल, बिहार और उड़ीसा में कर-मुक्त व्यापार का व्यापक अधिकार (दस्तक प्रणाली के साथ) अंग्रेजों को वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए प्रसिद्ध 'शाही फरमान' के माध्यम से प्राप्त हुआ था, न कि 1651 में ही। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लागू 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के तहत जमींदारों को भूमि का स्वामी बना दिया गया और सरकार ने भू-राजस्व की मांग को हमेशा के लिए निश्चित कर दिया, जिससे अकाल या सूखे के समय भी राजस्व की मांग में कोई ढील नहीं दी जाती थी।
2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा विकसित 'रयतवारी व्यवस्था' के अंतर्गत सरकार और कृषक (रयत) के बीच सीधा समझौता होता था, जिसमें भूमि का स्वामित्व किसानों के पास रहता था और लगान की दरें स्थायी रूप से तय होने के कारण कभी नहीं बढ़ाई जाती थीं।
3. हॉल्ट मैकेंज़ी द्वारा प्रतिपादित 'महालवारी व्यवस्था' मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम प्रांत, पंजाब और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लागू की गई थी, जिसमें राजस्व भुगतान के लिए पूरे गाँव या ग्राम समूह (महाल) को एक इकाई माना जाता था और इस प्रणाली में भुगतान की सामूहिक जिम्मेदारी (Joint Responsibility) होती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों और विचारकों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो पहला, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।" — आर.सी. मजूमदार
2. "यह विशुद्ध रूप से एक देशभक्तिपूर्ण राष्ट्रीय विद्रोह था, जिसे सुनियोजित तरीके से विदेशी शासन के विरुद्ध शुरू किया गया था।्" — सर जॉन सीले
3. "यह बर्बरता और सभ्यता के बीच का युद्ध था।्" — टी.आर. होम्स
4. "यह धर्म का अंधों का युद्ध था जो अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ा गया था।्" — एल.ई.आर. रीज़
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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खिज्र खाँ ने सुल्तान की उपाधि न धारण कर स्वयं को किस पदवी से संतुष्ट रखा?
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किस मुगल शासक के समय में "सफेद संगमरमर" का प्रयोग अपने चर्मोत्कर्ष पर था?
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उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापकों/संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा और बहुदेववाद का खंडन किया तथा वेदों की अचूकता या infallibility के सिद्धांत को अस्वीकार करते हुए मानव बुद्धि और समकालीन अंतरात्मा को धार्मिक सत्यों का सर्वोच्च आधार माना।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1875 में बॉम्बे में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय एवं सभी ज्ञान का स्रोत मानते हुए उनकी अचूकता में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।
3. केशव चंद्र सेन के ब्रह्म समाज से अलग होने के पश्चात देवेंद्रनाथ टैगोर ने 'साधारण ब्रह्म समाज' की स्थापना की, जिसने बाल विवाह और जाति-प्रथा के विरुद्ध उग्र रूप से कानूनी सुधारों की मांग की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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