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General Science
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्काइन्स (Alkynes) त्रि-आबंध (Triple bond) युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, जिनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n-2}$ होता है और ये अम्लीय प्रकृति का प्रदर्शन करते हैं।
- 2. 'मार्कोवनीकॉव का नियम' (Markovnikov's rule) असममित एल्कीन पर हाइड्रोजन हलाइड के योग की दिशा निर्धारित करता है, जिसके अनुसार अभिकर्मਕ का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि एल्काइन्स असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कार्बन-कार्बन त्रि-आबंध होता है, उनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n-2}$ है, और टर्मिनल एल्काइन्स में उपस्थित हाइड्रोजन परमाणु अत्यधिक ध्रुवीय होने के कारण अम्लीय प्रकृति दर्शाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि मार्कोवनीकॉव के नियम के अनुसार, असममित एल्कीन पर अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग (जैसे $Br^-$ या $Cl^-$) उस कार्बन परमाणु पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या **कम** होती है (अर्थात कम प्रतिस्थापित कार्बन पर)। इस अवधारणा को बेहतर ढंग से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक होता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation Enthalpy) का मान किसी भी आवर्त में न्यूनतम क्षार धातुओं (Alkali Metals) के लिए और अधिकतम उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए होता है।
4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic Character) वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आयनन ऊर्जा के मान कम होने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की वंशागति तथा प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली मल्टीपल एलीलिज़्म (Multiple allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें एलील $I^A$ और $I^B$ लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर शर्करा के विशेष बहुलक (Polymers) के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं और ये दोनों एलील सह-प्रभाविता (Co-dominance) प्रदर्शित करते हैं, जबकि $i$ एलील किसी भी शर्करा का निर्माण नहीं करता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay phenotype) से ग्रस्त व्यक्तियों में H-एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनके पास FUT1 जीन का कार्यात्मक रूप नहीं होता है, जिसके परिणामस्वरूप उनका रक्त सीरम 'O' रक्त समूह वाले व्यक्तियों की तरह एंटी-A और एंटी-B के साथ-साथ एंटी-H एंटीबॉडी भी रखता है, जिससे उन्हें केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त आधान (Blood transfusion) की आवश्यकता होती है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-धनात्मक (Rh+) माता का गर्भ Rh-ऋणात्मक (Rh-) भ्रूण के साथ होता है, जिसमें प्रसव के दौरान भ्रूण के Rh+ लाल रक्त कोशिकाएं माता के परिसंचरण में प्रवेश करके प्राथमिक प्रतिरक्षा अनुक्रिया को प्रेरित करती हैं और पहली संतान को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का कारण अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बल (Cohesive force) होते हैं, और जब तापमान में वृद्धि की जाती है, तो द्रव का पृष्ठ तनाव आमतौर पर घट जाता है क्योंकि तापीय ऊर्जा अणुओं के बीच आकर्षण बल को प्रभावी रूप से कम कर देती है।
2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) आंतरिक घर्षण के कारण होती है, जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने के साथ बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes' Principle) के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र विस्थापित द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of Buoyancy) कहा जाता है।
4. यदि किसी केशिका नली (Capillary tube) को पानी में डुबोया जाता है, तो पानी नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है और इस प्रघटना में नली की त्रिज्या बढ़ने पर केशिका नली में द्रव के चढ़ने की ऊँचाई बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग की तीव्रता?
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यांत्रिकी (Mechanics) में कार्य, ऊर्जा और संवेग के संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी वस्तु पर एक संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा कार्य किया जाता है, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस स्थिति में यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic collision) में कुल गतिज ऊर्जा और कुल रैखिक संवेग दोनों संरक्षित रहते हैं, जबकि अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) में केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है।
3. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम इस बात पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर लगने वाला बाह्य बल आघूर्ण (External Torque) शून्य हो, तो निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत रहता है, जैसे कि सूर्य के चारों ओर घूमते हुए ग्रह की कक्षीय गति।
4. अश्वशक्ति (Horsepower) शक्ति की एक व्यावसायिक इकाई है, जहाँ 1 अश्वशक्ति का मान ठीक 746 वाट के बराबर होता है और यह ऊर्जा के परिवर्तन की दर को प्रदर्शित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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