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General Science
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मानव शरीर में जल-विलेय और वसा-विलेय विटामिनों के अवशोषण, परिवहन और भंडारण (Absorption, Transport and Storage) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सभी जल-विलेय विटामिन (जैसे विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी) को शरीर में यकृत (Liver) के भीतर दीर्घकालिक रूप से संग्रहीत किया जा सकता है, जिससे इनकी दैनिक आपूर्ति अनिवार्य नहीं होती है।
  2. 2. वसा-विलेय विटामिनों (जैसे विटामिन A, D, E और K) का अवशोषण आंतों में वसा और पित्त लवणों (Bile salts) की उपस्थिति पर निर्भर करता है, और ये मुख्य रूप से यकृत तथा वसा ऊतकों (Adipose tissues) में संचित होते हैं।
  3. 3. विटामिन $B_{12}$ एक ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कई महीनों से लेकर वर्षों तक यकृत में संग्रहीत रह सकता है, जिसके लिए जठर रस में 'कैसल के आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) की आवश्यकता होती है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि अधिकांश जल-विलेय विटामिन (विटामिन सी और बी-कॉम्प्लेक्स के अधिकांश घटक, जैसे विटामिन $B_{12}$ को छोड़कर) शरीर में संग्रहीत नहीं किए जा सकते हैं; अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाती है, इसलिए इनकी दैनिक आपूर्ति आहार में आवश्यक होती है। कथन 2 सही है क्योंकि वसा-विलेय विटामिनों के उचित अवशोषण के लिए आहार में वसा और पित्त लवणों का होना आवश्यक है और ये मुख्य रूप से यकृत व वसा ऊतकों में संचित होते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि विटामिन $B_{12}$ (कोबालामिन) यद्यपि जल-विलेय है, फिर भी यह शरीर (यकृत) में वर्षों तक संग्रहीत रह सकता है और इसके अवशोषण के लिए आमाशय से स्रावित 'कैसल के आंतरिक कारक' की अनिवार्यता होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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