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General Science
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परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला है और इसका सम्पूर्ण धन आवेश तथा लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान केंद्र में एक अति सूक्ष्म क्षेत्र में केंद्रित रहता है जिसे 'नाभिक' कहा जाता है।
  2. 2. 'बोस-आइलैंड संघनन' (Bose-Einstein Condensate - BEC) पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है, जिसे अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर गैसों को आयनित करके प्राप्त किया जाता है, जहाँ सभी कण एक ही क्वांटम अवस्था में संघनित हो जाते हैं।
  3. 3. पाउच के अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's exclusion principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m, s$) के मान कभी भी सर्वसम (identical) नहीं हो सकते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग (Alpha scattering experiment) ने यह दिखाया कि परमाणु का अधिकांश स्थान खाली है और उसका अधिकांश द्रव्यमान तथा धनावेश उसके केंद्रीय भाग अर्थात नाभिक (Nucleus) में केंद्रित है। कथन 2 गलत है: बोस-आइलैंड संघनन (Bose-Einstein Condensate) पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है, जिसे अत्यधिक कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute zero) के अत्यंत निकट तक ठंडा करके प्राप्त किया जाता है, न कि उच्च तापमान पर। उच्च तापमान और दाब पर प्राप्त होने वाली अवस्था प्लाज्मा (Plasma) है। कथन 3 सही है: पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli exclusion principle) यह स्पष्ट करता है कि किसी भी परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ कभी भी पूर्ण रूप से समान नहीं हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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