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General Science
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डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect) और ध्वनि तरंगों की आवृत्ति में परिवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जब एक श्रोता स्थिर स्रोत की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली ध्वनि की आभासी आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक होती है, जबकि स्रोत के श्रोता से दूर जाने पर आभासी आवृत्ति कम हो जाती है।
  2. 2. यदि श्रोता और ध्वनि स्रोत दोनों समान वेग से एक ही दिशा में गति कर रहे हों, तो उनके बीच की सापेक्षिक दूरी नियत रहने के कारण श्रोता को कोई आभासी आवृत्ति परिवर्तन (डॉपलर शिफ्ट) महसूस नहीं होता है।
  3. 3. डॉपलर प्रभाव केवल ध्वनि तरंगों (यांत्रिक तरंगों) पर ही लागू होता है, और इसका उपयोग विद्युत चुंबकीय तरंगों जैसे प्रकाश या खगोलीय पिंडों के वेग मापने में नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

डॉपलर प्रभाव के अनुसार, जब किसी ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच अपेक्षित गति होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति (Pitch) में परिवर्तन प्रतीत होता है। यदि श्रोता स्थिर स्रोत की ओर गति करता है, तो प्रति सेकंड अधिक तरंगें उस तक पहुँचती हैं, जिससे आभासी आवृत्ति बढ़ जाती है। इसी प्रकार, यदि स्रोत और श्रोता दोनों समान वेग से एक ही दिशा में गति कर रहे हैं और उनके बीच की दूरी अपरिवर्तित रहती है, तो कोई आभासी आवृत्ति परिवर्तन महसूस नहीं होता है। डॉपलर प्रभाव केवल ध्वनि तरंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकाश तरंगों (विद्युत चुंबकीय तरंगों) पर भी लागू होता है, जिसका उपयोग खगोल विज्ञान में तारों की गति और ब्रह्मांड के विस्तार को मापने के लिए किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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