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General Science
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मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हृदय चक्र (Cardiac cycle) के दौरान, 'आलि-निलय नोड' (AV Node) पेसमेकर के रूप में कार्य करता है जो स्वतः उत्पन्न होने वाले विद्युत आवेगों को आलिंद से निलय तक पहुँचाता है, जिससे निलय का संकुचन होता है।
- 2. तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के संचलन के समय, जब सिनेप्स (Synapse) पर विद्युत संकेत पहुँचता है, तो पुटिकाएँ (Vesicles) फट जाती हैं और न्यूरोट्रांसमीटर जैसे 'एसिटाइलकोलीन' (Acetylcholine) का विमोचन होता है, जो पश्च-सिनेप्टिक झिल्ली के ग्राही (Receptors) से जुड़कर रासायनिक संचरण को पूरा करता है।
- 3. रुधिर वाहिकाओं में रक्तदाब को नियंत्रित करने में मेडुला ऑब्लॉन्गेटा (Medulla oblongata) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के माध्यम से हृदय की धड़कन और वाहिकासंकीर्णन (Vasoconstriction) को नियमित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि हृदय में स्वाभाविक रूप से तालबद्ध संकुचन उत्पन्न करने वाला मुख्य प्राकृतिक पेसमेकर 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) होता है, न कि AV Node (हालाँकि AV Node आवेगों को विलंब के साथ निलय तक प्रसारित करता है)। कथन 2 और 3 बिल्कुल सही हैं; सिनेप्स पर न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटाइलकोलीन) द्वारा रासायनिक संचरण होता है और मस्तिष्क का मेडुला ऑब्लॉन्गेटा भाग हृदय गति और रक्तदाब का नियंत्रण करता है।
Related Questions
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक होता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation Enthalpy) का मान किसी भी आवर्त में न्यूनतम क्षार धातुओं (Alkali Metals) के लिए और अधिकतम उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए होता है।
4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic Character) वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आयनन ऊर्जा के मान कम होने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संकरण करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. लैमार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत का खंडन वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहों की पूंछ काटने के प्रयोग के माध्यम से किया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं।
3. 'जेनेटिक ड्रिफ्ट' (Genetic drift) या आनुवंशिक विचलन मुख्य रूप से बड़े आकारों वाली जनसंख्या में अत्यधिक प्रभावी होता है, और यह अनुकूلی चयन के परिणामस्वरूप एलील आवृत्तियों में एक नियत दिशा में क्रमिक परिवर्तन उत्पन्न करता है।
4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय विकास समान होते हैं लेकिन उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, जो अपसारी विकास (Divergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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नाभिकीय भौतिकी और रेडियोधर्मिता के संदर्भ में, 'बीटा-क्षय' (Beta decay) और 'इलेक्ट्रॉन कैप्चर' (Electron capture) प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बीटा-ऋणात्मक ($eta^-$) क्षय के दौरान, नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन एक प्रोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो में परिवर्तित हो जाता है, जिससे परमाणु क्रमांक में एक की वृद्धि होती है।
2. इलेक्ट्रॉन कैप्चर की प्रक्रिया में, नाभिक के निकट की कक्षा (आमतौर पर K-शेल) का एक आंतरिक इलेक्ट्रॉन नाभिक द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है, जिससे एक प्रोटॉन न्यूट्रॉन में बदल जाता है और एक न्यूट्रिनो उत्सर्जित होता है।
3. बीटा-धनात्मक ($eta^+$) क्षय और इलेक्ट्रॉन कैप्चर दोनों ही प्रक्रियाओं में मूल परमाणु का द्रव्यमान संख्या (Mass number) परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Héroult process) में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूऑर्स्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, और इसे हवा में स्वतः जलने से रोकने के लिए पानी के नीचे रखा जाता है, जबकि लाल फॉस्फोरस बहुलकित संरचना के कारण सामान्य ताप पर जल में अघुलनशील और कम सक्रिय होता है।
3. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंग प्रदर्शित करने का मुख्य कारण उनके 'd-d संक्रमण' (d-d transition) या 'चार्ज ट्रांसफर स्पेक्ट्रा' (Charge transfer spectra) का होना है, जिसमें अपूर्ण रूप से भरे d-क कक्षकों के बीच इलेक्ट्रॉनों का उत्तेजन दृश्य प्रकाश क्षेत्र के अवوسोषक से होता है।
4. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उत्पादन 'सॉलवे प्रक्रम' (Solvay process) द्वारा किया जाता है, जिसमें मध्यवर्ती उत्पाद के रूप में सोडियम बाइकार्बोनेट प्राप्त होता है, और इस प्रक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अमोनिया को पुनर्प्राप्त (Recovered) करने के लिए इसमें अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया बुझे हुए चूने ($Ca(OH)_2$) के साथ कराई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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गोलीय तरंग?
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