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General Science
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मेण्डल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) का सार्वभौमिक अपवाद 'सहलग्नता' (Linkage) है, जिसमें एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति दर्शाते हैं और स्वतंत्र अपव्यूहन के 9:3:3:1 के द्विसंकर अनुपात से विचलन उत्पन्न करते हैं।
  2. 2. मॉर्गन द्वारा ड्रोसोफिला पर किए गए प्रयोगों से यह ज्ञात हुआ कि जिन जीनों के बीच की दूरी अधिक होती है, उनके बीच जीन विनिमय (Crossing over) की आवृत्ति कम होती है, तथा इसी सिद्धांत का उपयोग गुणसूत्रों पर जीनों का आनुवंशिक मानचित्र (Genetic mapping) तैयार करने के लिए किया जाता है।
  3. 3. 'हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत' के अनुसार किसी आबादी में एलील आवृत्तियों का स्थिर रहना तभी संभव है जब वह आबादी अत्यधिक बड़ी हो और उसमें उत्परिवर्तन, चयन या जीन प्रवाह जैसी कोई भी विकासवादी प्रक्रिया सक्रिय न हो।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि मेण्डल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम केवल उन जीनों पर लागू होता है जो अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित हों। यदि जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक पास स्थित होते हैं, तो वे सहलग्नता (Linkage) प्रदर्शित करते हैं, जिससे स्वतंत्र अपव्यूहन का अनुपात नहीं मिलता है। कथन 2 गलत है क्योंकि टी.एच. मॉर्गन के अनुसार, जिन जीनों के बीच की दूरी **अधिक होती है**, उनके बीच जीन विनिमय (Crossing over) की आवृत्ति **अधिक होती है**, न कि कम। कथन 3 सही है; हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि आबादी बड़ी हो और कोई भी बाहरी विकासवादी बल (जैसे उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या जीन प्रवाह) प्रभावी न हो। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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