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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी भी भौतिक राशि की विमाएँ यह दर्शाती हैं कि उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल इकाइयों पर कौन-कौन सी घातें (Exponents) चढ़ाई जाती हैं, और विमीय विश्लेषण का उपयोग केवल समीकरणों की सत्यता की जाँच करने के लिए किया जा सकता है, नए भौतिक संबंधों को व्युत्पन्न करने के लिए नहीं।
- 2. 'प्लांग स्थिरांक' (Planck's constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular momentum) दोनों की विमीय सूत्र (Dimensional formula) सर्वथा समान होती है, जो कि $[ML^2T^{-1}]$ है।
- 3. पार्सेक (Parsec) और प्रकाश वर्ष (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने के मात्रक हैं, जिनमें से 1 पार्सेक का मान लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) का उपयोग न केवल दिए गए समीकरण की सत्यता की जाँच करने के लिए किया जाता है, बल्कि विभिन्न भौतिक राशियों के बीच संबंध स्थापित करने (नए भौतिक संबंधों को व्युत्पन्न करने) के लिए भी इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। कथन 2 सत्य है; प्लांक स्थिरांक ($h$) का मात्रक जूल-सेकंड होता है जिसकी विमा $[ML^2T^{-1}]$ है और कोणीय संवेग ($L = mvr$) की विमा भी $[ML^2T^{-1}]$ ही होती है। कथन 3 सत्य है; पार्सेक खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है और 1 पार्सेक = $3.08 imes 10^{16}$ मीटर होता है जो कि लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह गुणधर्म विलयन में विलेय कणों के संघनन (Association) या वियोजन (Dissociation) से प्रभावित होता है जिसे वेंट 'हॉफ गुणांक' ($i$) द्वारा संशोधित किया जाता है।
2. परासरण दाब ($\pi = iCRT$) एक अणुसंख्यक गुणधर्म है, और यदि दो विलयनों के परासरण दाब समान हों, तो उन्हें 'समपरासिटिक' (Isotonic) कहा जाता है; ऐसे विलयनों को अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा अलग करने पर भी विलायक के अणुओं का शुद्ध प्रवाह दोनों दिशाओं में होता है किंतु उनका कुल निval (Net flow) शून्य होता है।
3. समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (Phase) में होते हैं, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में 'अधिशोसक-मध्यवर्ती सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार अभिकारक गैसें उत्प्रेरक की ठोस सतह पर अधिशोषित होकर सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देती हैं जिससे अभिक्रिया की दर मंद हो जाती है।
4. उत्प्रेरक वर्धक (Catalytic promoters) वे पदार्थ होते हैं जो स्वयं उत्प्रेरक नहीं होते हैं, किंतु किसी रासायनिक अभिक्रिया में उत्प्रेरक की सक्रियता (Catalytic activity) को बढ़ा देते हैं, जैसे Haber प्रक्रम में अमोनिया निर्माण के दौरान 'मोलिब्डेनम' (Mo) लोहे के उत्प्रेरक की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव पोषण और जैविक अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन $B_1$ (थiamine) की कमी से 'बेरी-बेरी' रोग होता है, और यह एक जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में अत्यधिक मात्रा में होने पर यकृत में कई वर्षों तक संग्रहीत रहता है।
2. स्टार्च दो घटकों एमाइlose (Amylose) और एमाइलोपेक्टिन (Amylopectin) से मिलकर बनता है, जिसमें एमाइlose जल में अघुलनशील रेखीय बहुलक है जबकि एमाइलोपेक्टिन जल में घुलनशील शाखित श्रृंखला बहुलक है।
3. पेप्टाइड बंध एक प्रकार का एमाइड बंध होता है जो एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह ($-\text{COOH}$) और दूसरे अमीनो अम्ल के अमीनो समूह ($-\text{NH}_2$) के बीच जल के अणु के निष्कासन के परिणामस्वरूप बनता है।
4. विटामिन $D$ (कैल्सीफेरॉल) एक वसा-विलेय विटामिन है जो कैल्शियम और फास्फोरस के अंतःशोषण को नियंत्रित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमलेशिया' रोग हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों, मात्रकों और मापन (Units and Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो उस चाप की दूरी को निरूपित करती है जो किसी वृत्त के केंद्र पर 1 आर्कसेकंड (1 arcsecond) का कोण अंतरित करता है जब चाप की लंबाई 1 खगोलीय इकाई (AU) होती है।
2. स्टीरेडियन (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो समतल कोण (Plane angle) को मापने के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि रेडियन एक पूरक मात्रक (Supplementary unit) है जिसका उपयोग ठोस कोण (Solid angle) को मापने के लिए किया जाता है।
3. प्लांक नियतांक ($h$) का विमीय सूत्र वही होता है जो कोणीय संवेग (Angular momentum) का होता है, और दोनों का SI मात्रक जूल-सेकंड ($J\cdot s$) है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है, और 1 प्रकाश वर्ष लगभग $9.46 \times 10^{15}$ मीटर के बराबर होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके सूक्ष्मजीवितीय कारकों तथा नैदानिक परीक्षणों (Diagnostic Tests) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षय रोग (Tuberculosis) के निदान के लिए किया जाने वाला 'मोंटौक्स परीक्षण' (Mantoux test) एक प्रकार का त्वचा परीक्षण (Skin test) है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के विरुद्ध सेल-मीडिएटेड इम्युनिटी की उपस्थिति को दर्शाता है, किंतु यह सक्रिय संक्रमण और पूर्व टीकाकरण या पुरानी ठीक हो चुकी संक्रमण के बीच भेद करने में विफल रहता है।
2. एड्स (AIDS) के संपुष्टि (Confirmatory) परीक्षण के रूप में 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western blot) विधि का उपयोग किया जाता है, जिसमें वायरल प्रोटीन्स को जेल वैद्युतकणसंचलन (Gel electrophoresis) द्वारा अलग करके रोगी के सीरम में मौजूद विशिष्ट एंटीबॉडीज़ की पहचान की जाती है,
3. एन्टामोएबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytica) एक परजीवी प्रोटोजोआ है जो मनुष्य की बड़ी आंत में संक्रमण फैलाकर 'अमीबायसिस' या अमीबी पेचिश उत्पन्न करता है, और इसके गंभीर मामलों में यह आंतों की दीवार को भेदकर यकृत (Liver) में गंभीर फोड़ा (Liver abscess) भी बना सकता है।
4. टाइफाइड बुखार के परीक्षण के लिए प्रयुक्त 'विडाल परीक्षण' (Widal test) एक प्रतिजन-प्रतिपिंड (Antigen-Antibody) प्रतिक्रिया पर आधारित एग्लूटीनेशन परीक्षण है, जो 'साल्मोनेला टाइफी' के 'O' और 'H' एंटीजेंस का पता लगाता है, और संक्रमण के पहले सप्ताह में इसकी संवेदनशीलता शत-प्रतिशत सटीक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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