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तरंग गति और ध्वनि तरंगों (Wave Motion and Sound) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते दाब स्थिर रहे, जिसका अर्थ है कि समान ताप पर हल्की गैसों में ध्वनि की चाल भारी गैसों की तुलना में अधिक होती है।
- 2. लाप्लास (Laplace) के अनुसार, गैसों में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है, और उन्होंने न्यूटन के सूत्र में संशोधन करते हुए यह बताया कि गैसों की संपीड्यता के कारण यह प्रक्रिया रुद्धोष्म (Adiabatic) होती है।
- 3. जब कोई ध्वनि स्रोत किसी श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, और इस परिघटना को 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहा जाता है, जो केवल प्रकाश तरंगों पर लागू होता है, यांत्रिक ध्वनि तरंगों पर नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ध्वनि की चाल $v = \sqrt{\gamma P / \rho}$ होती है, जहाँ घनत्व $\rho$ के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होने के कारण हल्की गैसों में ध्वनि की चाल अधिक होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि न्यूटन ने ध्वनि संचरण को समतापीय माना था, जबकि लाप्लास ने इसमें सुधार करते हुए इसे 'रुद्धोष्म प्रक्रिया' (Adiabatic process) माना था। कथन 3 गलत है क्योंकि डॉप्लर प्रभाव ध्वनि और प्रकाश दोनों प्रकार की तरंगों पर लागू होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है।
2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह सुअर तथा पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है।
3. 'फ्लू' (Influenza) और 'कॉमन कोल्ड' दोनों विषाणु जनित श्वसन संक्रमण हैं, किंतु फ्लू 'रिनोवाइरस' (Rhinovirus) के कारण होता है जबकि सामान्य जुकाम 'इन्फ्लूएंजा वायरस' (Orthomyxovirus) के कारण फैलता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, जबकि प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) हमेशा संगत एंटीजन के विपरीत होते हैं।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों में 'H एंटीजन' की आनुवंशिक कमी होती है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते और केवल बॉम्बे रक्त समूह के ही दाता से रक्त ले सकते हैं।
3. हीमोलिटिक रोग (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) माता अपने गर्भ में Rh-ऋणात्मक (Rh-) भ्रूण को धारण करती है, जिससे पहली गर्भावस्था में बच्चे की गंभीर क्षति या मृत्यु हो जाती है क्योंकि एंटीबॉडी प्लेसेंटा को पार कर लेते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative Properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative Lowering of Vapour Pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राऊल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है तथा तनु विलयनों के लिए पूर्णतः सत्य है।
2. 'वांट-हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन की स्थिति में एक से अधिक ($i > 1$) होता है, जबकि संगुणन की स्थिति में इसका मान एक से कम ($i < 1$) होता है, जिसका उपयोग अणुसंख्यक गुणधर्मों के असामान्य प्रेक्षणों को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' (Heterogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जिसमें उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारकों का भौतिक या रासायनिक अधिशोषक (Adsorption) और सक्रिय संकुल का निर्माण मुख्य चरण होता है।
4. 'धनात्मक उत्प्रेरक' रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) के मान को बढ़ा देता है, जिसके कारण अभिक्रिया की दर अत्यंत तीव्र हो जाती है और साम्यावस्था का मान भी परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रात का जीव?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों और उनके विनियामक तंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की पैराइटल (ऑक्सीनटिक) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का इंट्रिंसिक फैक्टर' (Castle's Intrinsic Factor) का स्रावण किया जाता है, जो छोटी आंत के इलियम भाग में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, प्रसवान (Inspiration) के दौरान डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन कम हो जाता है, जिससे वक्षीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो जाता है और हवा फेफड़ों के बाहर निकल जाती है।
3. परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, 'सिनोट्रियल नोड' (SAN) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जो स्वतः उत्तेजित होने की क्षमता रखता है और हृदय की मांसपेशियों में संकुचन तरंगों की शुरुआत करता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो मेरुदंड की मध्यस्थता के बिना सीधे मोटर न्यूरॉन्स को तत्काल प्रतिक्रिया देने का आदेश देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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