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General Science
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मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ह्दय की धड़कन का स्वतः नियमन विशेषीकृत पेशीय ऊतकों द्वारा होता है, जिसमें 'सिनोएट्रीअल नोड' (SA Node) को प्राथमिक पेसमेकर कहा जाता है, क्योंकि यह सबसे अधिक दर पर क्रिया विभव (Action potential) उत्पन्न करता है।
  2. 2. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से तंत्रिका आवेगों (Nerve impulses) का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटरों के माध्यम से होता है, और एसिटाइलकोलीन (Acetylcholine) एक प्रमुख उत्तेجक न्यूरोट्रांसमीटर है जो कंकाल पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है।
  3. 3. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत 'अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) हृदय गति को कम करता है और पाचक ग्रंथियों के स्रावण को उत्तेजित करता है, जबकि 'परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Parasympathetic nervous system) आपातकालीन स्थितियों में हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि सिनोएट्रीअल नोड (SA Node) हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर है जो स्वतः उत्तेजना उत्पन्न करता है। कथन 2 सही है क्योंकि न्यूरॉन्स के बीच संकेतों का संचरण रासायनिक रूप से होता है और एसिटाइलकोलीन एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) आपातकालीन स्थितियों (फाइट या फ्लाइट रिस्पांस) में हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है, जबकि 'परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Parasympathetic nervous system) विश्राम की स्थिति में हृदय गति को धीमा करता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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