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General Science
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जीन नियमन (Gene Regulation) और आनुवंशिक कूट (Genetic Code) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्रोकैरियोट्स में 'लैक ऑपेरॉन' (Lac Operon) एक ऋणात्मक रूप से विनियमित नियंत्रक प्रणाली का उदाहरण है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में 'दमनकारी प्रोटीन' (Repressor protein) ऑपरेटर जीन से जुड़कर अनुलेखन (Transcription) को रोकता है।
  2. 2. आनुवंशिक कूट 'अतिच्छादित' (Overlapping) होते हैं, जिसका अर्थ है कि एक ही न्यूक्लियोटाइड का उपयोग एक से अधिक क्रमिक कोडॉनों के निर्माण के लिए किया जा सकता है, जिससे उत्परिवर्तन का प्रभाव पूरे पॉलीपेप्टाइड पर पड़ता है।
  3. 3. 'यूकैरियोटिक आनुवंशिक अभिव्यक्ति' में, आरएनए संख्लेषण के पश्चात 'स्प्लिसिंग' (Splicing) प्रक्रिया के दौरान अकोडिंग क्षेत्रों (इंट्रॉन्स) को हटा दिया जाता है और कोडिंग क्षेत्रों (एक्सॉन्स) को आपस में जोड़ा जाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्रोकैरियोट्स में 'लैक ऑपेरॉन' (Lac Operon) जीन नियमन का एक प्रसिद्ध मॉडल है, जहाँ लैक्टोज की अनुपस्थिति में रिप्रेशर प्रोटीन ऑपरेटर क्षेत्र से बंध जाता है और आरएनए पॉलिमरेज को आगे बढ़ने से रोकता है। कथन 2 गलत है क्योंकि आनुवंशिक कूट 'अतिच्छादित' (Overlapping) नहीं होते हैं; प्रत्येक कोडॉन तीन न्यूक्लियोटाइडों का एक त्रिक (Triplet) होता है और वे एक-दूसरे से स्वतंत्र (Non-overlapping) होते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि यूकैरियोट्स में अनुलेखन के बाद हेटेरोजीनियस न्यूक्लियर RNA (hnRNA) से इंट्रॉन्स (असंकेतक भाग) को स्प्लिसिंग द्वारा हटा दिया जाता है और एक्सॉन्स (संकेतक भाग) को जोड़कर परिपक्व mRNA बनाया जाता है। विकिपीडिया संदर्भ
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