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General Science
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और उनके द्वारा स्रावित हार्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के अग्र भाग (Adenohypophysis) द्वारा स्रावित 'ग्रोथ हार्मोन' (GH) की अतिस्रावणता (Hypersecretion) से वयस्कों में 'एक्रेमेगली' (Acromegaly) नामक रोग होता है, जिसमें हाथों, पैरों और चेहरे की हड्डियाँ असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं।
- 2. थायराइड ग्रंथि से स्रावित कैल्सीटोनिन (Calcitonin) हार्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करने का कार्य करता है, जबकि पैराथायराइड ग्रंथि से स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाता है।
- 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का मेडुला भाग 'कॉर्टिसोल' और 'एल्डोस्टेरोन' जैसे ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स और मिनरलोकॉर्टिकोइड्स का स्रावण करता है, जो शरीर के जल-विद्युत संतुलन और तनाव प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: पीयूष ग्रंथि के अग्र भाग द्वारा स्रावित 'ग्रोथ हार्मोन' (Growth Hormone) या सोमैटोट्रोपिन के वयस्क अवस्था में अत्यधिक स्रावण से एक्रेमेगली रोग हो जाता है। कथन 2 सही है: थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित कैल्सीटोनिन और पैराथायराइड ग्रंथि से स्रावित पैराथर्मोन (PTH) दोनों मिलकर रक्त में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित (Homeostasis बनाए रखते) करते हैं। कथन 3 गलत है: कॉर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन अधिवृक्क ग्रंथि के 'कॉर्टेक्स' (Adrenal Cortex) भाग द्वारा स्रावित किए जाते हैं, न कि मेडुला द्वारा। मेडुला भाग एड्रेनालाईन (एपिनेफ्रीन) और नॉरएड्रेनालाईन का स्रावण करता है। मानव शरीर में हार्मोन और ग्रंथियों के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भौतिक राशियों की माप और प्रेक्षणों में त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब दो भौतिक राशियों को जोड़ा या घटाया जाता है, तो अंतिम परिणाम में निरपेक्ष त्रुटियाँ (Absolute errors) हमेशा आपस में जुड़ जाती हैं, भले ही मूल राशियों की माप में त्रुटि धनात्मक हो या ऋणात्मक।
2. यदि किसी भौतिक राशि $x$ का संबंध $x = \frac{a^2 b^3}{c}$ से है, तो इस राशि के मापन में अधिकतम संभावित आनुपातिक त्रुटि $\frac{\Delta x}{x} = 2\left(\frac{\Delta a}{a}\right) + 3\left(\frac{\Delta b}{b}\right) + \left(\frac{\Delta c}{c}\right)$ के बराबर होती है।
3. 'यथार्थता' (Accuracy) किसी माप की वास्तविक मान के निकटता की माप को दर्शाती है, जबकि 'शुद्धता या परिशुद्धता' (Precision) यह निर्धारित करती है कि माप किस विभेदन (Resolution) या सीमा तक ली गई है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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घर्षण क्या करता है?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन परमाणु आपस में एकल बंध द्वारा जुड़े होते हैं और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n+2}}$ होता है, जो प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Substitution reactions) में आसानी से भाग लेते हैं।
2. जब पेट्रोलियम का आंशिक आसवन (Fractional Distillation) किया जाता है, तो उच्च क्वथनांक वाले अंश सबसे पहले वाष्पित होकर ऊपर उठते हैं, जबकि निम्न क्वथनांक वाले भारी अंश (जैसे डामर या बिटुमिन) सबसे नीचे अवशेष के रूप में प्राप्त होते हैं।
3. ऐल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) पाया जाता है, और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n-2}}$ होता है, तथा ये योगात्मक (Addition) और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हैं।
4. गैसोलीन की गुणवत्ता का निर्धारण 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) द्वारा किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन रेटिंग के लिए 'n-हेप्टेन' को सर्वोत्तम मानक माना जाता है जबकि 'आइसो-ऑक्टेन' को निकृष्ट ईंधन माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो युग्मकोद्भिद पर पूर्ण रूप से आश्रित रहता है।
2. प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश-स्वतंत्र चरण (केल्विन चक्र) के दौरान, कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण मुख्य रूप से C3 पौधों में RuBisCO एंजाइम द्वारा होता है, जबकि C4 पौधों में यह प्रक्रिया पहले मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड के रूप में पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में होती है।
3. ऑक्सिन (Auxin) और जिबरेलिन (Gibberellin) दोनों पादप वृद्धि प्रवर्धक (Growth promoters) हैं, जहाँ ऑक्सिन शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है, वहीं जिबरेलिन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की लंबाई में वृद्धि और पर्णरंध्रों को बंद करने को प्रेरित करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक पादप वृद्धि inhibitor (संदमक) है जो तनाव हार्मोन के रूप में कार्य करता है, तथा यह सूखे या जल-तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) के बंद होने को प्रेरित करता है ताकि वाष्पोत्सर्जन को कम किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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प्रकाश का परावर्तन नियम?
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