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General Science
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ऊष्मागतिकी के नियमों, तापमापी और ऊष्मा स्थानांतरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) 'ताप' (Temperature) की अवधारणा को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
  2. 2. 'स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम' के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Black body) द्वारा प्रति एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकंड उत्सर्जित कुल विकिरण ऊर्जा उसके परम तापमान की चतुर्थ घात ($T^4$) के सीधे आनुपातिक होती है।
  3. 3. जल का 'त्रिक बिंदु' (Triple Point) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर जल की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) सह-अस्तित्व में तापीय साम्य में होती हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मान ठीक 273.16 K होता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन ऊष्मा और तापमापी (थर्मोडायनामिक्स) के सिद्धांतों के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम तापीय संतुलन और तापमान के मापन का आधार प्रदान करता है। स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम कृष्णिका विकिरण (Black body radiation) की ऊर्जा और तापमान के संबंध को बताता है। इसके अलावा, ऊष्मागतिकीय तापमान पैमाने पर जल का त्रिक बिंदु एक मानक संदर्भ बिंदु है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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