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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित हार्मोन्स और उनके मुख्य कार्यों पर विचार कीजिए:
- 1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की बीटा कोशिकाओं से स्रावित 'इंसुलिन' यकृत और पेशीय कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन के रूप में संग्रहित करने की प्रक्रिया यानी 'ग्लाइकोजेनेसिस' को प्रेरित करता है।
- 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कल भाग (Cortex) 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं से सोडियम आयनों और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
- 3. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के पश्च भाग (Neurohypophysis) से संश्लेषित और स्रावित होने वाला 'मेलाटोनिन' हार्मोन शरीर की सर्काडियन रिदम (24-घंटे की जैविक घड़ी) और निद्रा-जागृति चक्र को मुख्य रूप से नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित इंसुलिन एक एनाबोलिक हार्मोन है जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए ग्लाइकोजेनेसिस को प्रेरित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) का मिनरलोकॉर्टिकोइड हार्मोन 'एल्डोस्टेरोन' वृक्क की दूरस्थ नलिकाओं (Distal convoluted tubules) पर कार्य करके सोडियम और जल के पुनः अवशोषण को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'मेलाटोनिन' हार्मोन का संश्लेषण और स्रावण पीयूष ग्रंथि के पश्च भाग द्वारा नहीं, बल्कि मस्तिष्क में स्थित पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) द्वारा किया जाता है, जो शरीर की सर्काडियन रिदम (जैविक घड़ी) को नियंत्रित करता है; पश्च पीयूष ग्रंथि केवल ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) का स्रावण करती है।
Related Questions
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों की रासायनिक प्रकृति, निष्कर्षण तथा उनके विशिष्ट गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम का निष्कर्षण 'हॉल-हरोल्ट प्रक्रम' द्वारा किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का $3:1$ के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को घोलने में सक्षम है क्योंकि यह मिश्रण 'नेसेंट क्लोरीन' उत्पन्न करता है।
3. सफेद फॉस्फोरस, जो चार अलग-अलग मुख्य रूपों में पाया जाने वाला एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातु है, पानी में अघुलनशील होने के कारण पानी के भीतर संग्रहीत किया जाता है, और यह अंधेरे में चमकने का गुण यानी स्फुरदीप्ति (Phosphorescence) प्रदर्शित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Free radical substitution reactions) में भाग लेते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित एल्कीन पर सममित या असममित अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस द्विआबंधी कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
3. 'एसेटिलीन' (Acetylene) या एथाइन एक ऐल्काइन है, जिसे जब लाल तप्त लोहे की नली में 873 K तापमान पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेंजीन का निर्माण करता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान 'ऑकोटेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) क्षमता का माप होती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन) की तुलना में इंजन में बेहतर प्रदर्शन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने की प्रवृत्ति रखते हैं, और इनके मध्य उपसहसंयोजक बंध (Co-ordinate bond) का निर्माण होता है।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार, एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में केवल एक प्रोटॉनों ($H^+$) का अंतर होता है, और किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार हमेशा एक प्रबल क्षार होता है।
3. जल की आयनिक गुणनफल स्थिरांक ($K_w$) का मान ताप बढ़ने पर बढ़ता है, जिसके कारण शुद्ध जल का pH मान 298 K पर 7 होने के बावजूद उच्च तापमान पर उदासीन जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि वह तब भी उदासीन ही रहता है क्योंकि $[H^+] = [OH^-]$ बना रहता है।
4. बफर विलयन (Buffer solution) वे विलयन होते हैं जो बाहर से थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH परिवर्तन का कड़ा प्रतिरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का एक उत्कृष्ट उदाहरण एसिटिक अम्ल ($CH_3COOH$) तथा सोडियम एसिटेट ($CH_3COONa$) का मिश्रण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरएच (Rh) रक्त समूह प्रणाली में, यदि एक Rh-धनात्मक (Rh⁺) भ्रूण का गर्भ धारण करने वाली Rh-ऋणात्मक (Rh⁻) माता को संवेदीकृत (Sensitized) होने से रोकने के लिए प्रसव के तुरंत बाद एंटी-D गामा ग्लोबुलिन (Rh-इम्यून ग्लोबुलिन) नहीं दिया जाता है, तो यह गर्भस्थ शिशु में एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस का कारण बन सकता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$) से पीड़ित व्यक्तियों के प्लाज्मा में सामान्य एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी के साथ-साथ एक शक्तिशाली 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी प्राकृतिक रूप से उपस्थित होती है, जिसके कारण वे केवल बॉम्बे रक्त समूह वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
3. एरिथ्रोसाइट्स (RBCs) की सतह पर पाए जाने वाले 'A' और 'B' एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जिनका संश्लेषण विशिष्ट ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा होता है, जिन्हें 'ABO' जीन लोसस द्वारा कूटबद्ध (Code) किया जाता है।
4. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की आंतरिक प्रणाली (Intrinsic pathway) की शुरुआत तब होती है जब रक्त वाहिका की क्षति के कारण उपकला के नीचे स्थित ऊतक कारक (Tissue factor या Factor III) रक्त के संपर्क में आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायु?
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