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General Science
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है।
- 2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह सुअर तथा पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है।
- 3. 'फ्लू' (Influenza) और 'कॉमन कोल्ड' दोनों विषाणु जनित श्वसन संक्रमण हैं, किंतु फ्लू 'रिनोवाइरस' (Rhinovirus) के कारण होता है जबकि सामान्य जुकाम 'इन्फ्लूएंजा वायरस' (Orthomyxovirus) के कारण फैलता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: ट्रैकोमा (Trachoma) क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु द्वारा होने वाला एक गंभीर नेत्र रोग है। कथन 2 सही है: जापानी एन्सेफलाइटिस एक वायरल संक्रमण है जो क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है और इसके मुख्य संवर्धक परपोषी (Amplifying host) सुअर होते हैं। कथन 3 गलत है: 'कॉमन कोल्ड' (सामान्य जुकाम) मुख्य रूप से रिनोवाइरस (Rhinovirus) के कारण होता है, जबकि 'फ्लू' (इन्फ्लूएंजा) ऑर्थोमिक्सोवायरस (Orthomyxovirus) के कारण होता है; यहाँ दोनों के रोगकारक आपस में उल्टे लिखे गए हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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डायबिटीज?
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हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) और उसके विघटन को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संप्रजनन करने वाली समष्टि (Randomly mating population) में एलील आवृत्तियाँ (Allelic frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते समष्टि पर कोई विकासवादी बल जैसे उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) प्रभावी न हो।
2. 'फाउंडर प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो समष्टि के आकार में अचानक कमी आने या नए भौगोलिक क्षेत्र में कुछ जीवों के प्रवास के कारण एलील आवृत्तियों में तीव्र परिवर्तन उत्पन्न करते हैं।
3. प्राकृतिक चयन (Natural selection) के 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) प्रारूप में, चरम फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और औसत फिनोटाइप वाले जीवों का संदमन होता है, जिससे समष्टि की माध्यिका (Mean) एक विशिष्ट दिशा में विस्थापित हो जाती है।
4. आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination) और जीन प्रवाह (Gene flow / Migration) समष्टि की एलील आवृत्तियों में परिवर्तन लाकर जैव विकास की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से गति प्रदान करते हैं, भले ही यादृच्छिक संभोग शत-प्रतिशत रूप से लागू हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अतिसक्रिय धातुएँ वायु में खुला छोड़ने पर तीव्रता से अभिक्रिया करती हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए किरोसिन (मिट्टी के तेल) के अंदर डुबोकर रखा जाता है, क्योंकि ये कमरे के तापमान पर भी ऑक्सीजन और नमी के साथ विस्फोटक रूप से क्रिया कर सकती हैं।
2. 'एक्वा रीजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का $3:1$ के आयतन अनुपात में ताजा मिश्रण होता है, जो स्वर्ण (Gold) और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को घोलने में सक्षम होता है।
3. जब ऐल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) की प्रकृति का अध्ययन किया जाता है, तो यह पाया जाता है कि यह एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है, जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
4. सल्फर (गंधक) अपने मूल अवस्था में एक अष्टपरमाणुक ($S_8$) अणु के रूप में पाया जाता है, जिसकी संरचना मुकुट (Crown) जैसी वलयाकार होती है, और यह जल में अत्यधिक विलेय तथा कार्बन डाइसल्फाइड ($CS_2$) में अविलय होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों के अंतर्गत पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की बूंद का गोलीय आकार न्यूनतम पृष्ठ क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति के कारण होता है, जो कि पृष्ठ तनाव के कारण संभव होता है, और यदि जल में कोई डिटर्जेंट या साबुन मिला दिया जाए तो जल का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है, जिससे मैल अधिक प्रभावी ढंग से बाहर निकलता है।
2. 'स्टोक्स का नियम' (Stokes' law) किसी श्यान माध्यम में गिरने वाले छोटे गोलीय पिंड पर लगने वाले श्यान बल (Viscous force) को व्यक्त करता है, जिसके अनुसार वह बल पिंड की त्रिज्या और उसके वेग के सीधे आनुपातिक होता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावन बल (Buoyant force) वस्तु के डूबे हुए भाग द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है, और यह बल हमेशा वस्तु के डूबे हुए भाग के गुरुत्व केंद्र पर ऊपर की ओर कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की वंशागति तथा प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली मल्टीपल एलीलिज़्म (Multiple allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें एलील $I^A$ और $I^B$ लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर शर्करा के विशेष बहुलक (Polymers) के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं और ये दोनों एलील सह-प्रभाविता (Co-dominance) प्रदर्शित करते हैं, जबकि $i$ एलील किसी भी शर्करा का निर्माण नहीं करता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay phenotype) से ग्रस्त व्यक्तियों में H-एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनके पास FUT1 जीन का कार्यात्मक रूप नहीं होता है, जिसके परिणामस्वरूप उनका रक्त सीरम 'O' रक्त समूह वाले व्यक्तियों की तरह एंटी-A और एंटी-B के साथ-साथ एंटी-H एंटीबॉडी भी रखता है, जिससे उन्हें केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त आधान (Blood transfusion) की आवश्यकता होती है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-धनात्मक (Rh+) माता का गर्भ Rh-ऋणात्मक (Rh-) भ्रूण के साथ होता है, जिसमें प्रसव के दौरान भ्रूण के Rh+ लाल रक्त कोशिकाएं माता के परिसंचरण में प्रवेश करके प्राथमिक प्रतिरक्षा अनुक्रिया को प्रेरित करती हैं और पहली संतान को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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