BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
22 views

मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण, विटामिन और उनके सह-एंजाइम (Coenzyme) रूपों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B1 (थियामिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-CoA में ऑक्सीडेटिव विकार्बोक्सिलीकरण (Oxidative decarboxylation) के लिए आवश्यक होता है।
  2. 2. विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) के सक्रिय सह-एंजाइम रूप FMN (फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड) और FAD (फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) हैं, जो कोशिकीय श्वसन की क्रेब्स चक्र प्रक्रिया के दौरान सक्सीनेट के फ्यूमरेट में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करते हैं।
  3. 3. विटामिन B6 (पिरिडॉक्सिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'पिरिडॉक्सल फॉस्फेट' (PLP) है, जो अमीनो अम्लों के ट्रांसएमिनेशन (Transamination) और डीकार्बोक्सिलीकरण जैसी प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सही हैं। विटामिन विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण जैविक अणुओं और सह-एंजाइमों के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाते हैं जो कोशिकीय उपापचय को संचालित करते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन B1 का सक्रिय रूप TPP पाइरुवेट डिहाइड्रोजनस कॉम्प्लेक्स के लिए आवश्यक है, विटामिन B2 से प्राप्त FAD/FMN इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला और क्रेब्स चक्र में भाग लेते हैं, और विटामिन B6 आधारित PLP अमीनो अम्ल उपापचय का एक अनिवार्य घटक है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथ घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार का प्रतिरोध उसके तापमान पर निर्भर करता है, और अधिकांश धात्विक चालकों के लिए तापमान बढ़ाने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (Semiconductors) का प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ घटता है। 2. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जबकि द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम) आवेश संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है। 3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है। 4. किसी सेल का टर्मिनल विभवांतर (Terminal Potential Difference) उसके आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) के कारण, सेल से धारा लिए जाने की स्थिति में उसके विद्युत वाहक बल (EMF) से कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्रकाश का रंग किस पर निर्भर है? → घोंसला? → सुपरकंडक्टर की सबसे बड़ी विशेषता क्या है? → रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक और मात्रात्मक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis Acids) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा केंद्रीय परमाणु के संयोजी कोष में अष्टक अपूर्ण रखने वाले यौगिक (जैसे $BF_3$) लुईस अम्ल की श्रेणी में आते हैं। 2. जब एक दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) को उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण कराया जाता है, तो बनने वाले लवण का जल-अपघटन (Hydrolysis) होने के कारण तुल्यांकी बिंदु पर विलयन का pH मान 7 से कम (अम्लीय) होता है। 3. ब्रॉन्स्टेड-लाउरी अवधारणा के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, जबकि जल की उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति के कारण यह एक ही समय में ब्रॉन्स्टेड अम्ल और ब्रॉन्स्टेड क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है। 4. बफर विलयन (Buffer solution) वे विलयन होते हैं जो अपने अंदर थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर विलयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय मिश्रण है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.