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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित ग्लाइकोप्रोटीन (एंटीजन A और B) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित हैं, तो उसका रक्त समूह 'O' होता है।
  2. 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्लाज्मा में H एंटीजन के विरुद्ध भी एंटीबॉडी पाई जाती है।
  3. 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की गंभीर स्थिति पहली गर्भावस्था में ही Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक भ्रूण के बीच प्लेसेंटा के माध्यम से IgG एंटीबॉडी के तीव्र संचरण के कारण उत्पन्न हो जाती है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि ABO रक्त समूह प्रणाली लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद एंटीजन (A और B) पर आधारित होती है। 'O' रक्त समूह वाले व्यक्तियों की आरबीसी पर कोई एंटीजन नहीं होता, किंतु उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों एंटीबॉडी पाए जाते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि बॉम्बे फेनोटाइप ($O_h$) वाले लोगों में H एंटीजन की कमी होती है (वे h/h जीन वाले होते हैं), जिससे उनके शरीर में सामान्य H एंटीजन वाले रक्त के खिलाफ एंटी-H एंटीबॉडी बनती है और वे केवल बॉम्बे फेनोटाइप से ही रक्त ले सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस सामान्यतः पहली गर्भावस्था में प्रकट नहीं होती है; यह तब होती है जब Rh- माता का संपर्क पहली डिलीवरी के दौरान Rh+ भ्रूण के रक्त से होता है और वह एंटी-Rh एंटीबॉडी (IgG) विकसित करती है, जो अगली गर्भावस्था में भ्रूण को प्रभावित करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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