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General Science
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों की स्थितिज ऊर्जा के अंतर पर निर्भर करता है, और एक बंद लूप में इस बल द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य होता है।
- 2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों (संरक्षी और असंरक्षी दोनों) द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, जो निर्देश तंत्र की जड़त्वीय प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।
- 3. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) के दौरान संवेग संरक्षण का नियम और कुल ऊर्जा संरक्षण का नियम दोनों लागू होते हैं, किंतु सिस्टम की कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है, और इसमें से एक निश्चित भाग ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण ऊर्जा के रूप में क्षय हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संरक्षी बल (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल या स्थिरवैद्युत बल) द्वारा किया गया कार्य पथ (Path) पर निर्भर नहीं करता है, यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है और बंद पथ में कार्य शून्य होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार किया गया कुल कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, परंतु गतिज ऊर्जा और उसका परिवर्तन दोनों ही निर्देश तंत्र (Frame of Reference) के वेग पर निर्भर करते हैं (अर्थात जड़त्वीय निर्देश तंत्र बदलने पर गतिज ऊर्जा का मान बदल सकता है)। कथन 3 पूरी तरह सही है, क्योंकि किसी भी प्रकार की टक्कर (चाहे वह प्रत्यास्थ हो या अप्रत्यास्थ) में बाह्य बल की अनुपस्थिति में 'रैखिक संवेग संरक्षण' और 'ऊर्जा संरक्षण के सार्वभौमिक नियम' का पालन हमेशा होता है, लेकिन अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा का ह्रास होता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) और तापमापी के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal Equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) का कार्य सिद्धांत इस तथ्य पर आधारित है कि धातुओं का विद्युत प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ रैखिक रूप से घटता है।
3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता ($dQ = 0$), और इस प्रक्रम में पॉइजन का समीकरण ($PV^gamma = \text{नियतांक}$) लागू होता है, जहाँ $\gamma$ दाब और आयतन की विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात है।
4. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) वह विशिष्ट तापमान और दाब की स्थिति है जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मान 273.16 K होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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इलेक्ट्रॉन खोज?
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मधुबनी?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय भित्ति पूर्णतः अनुपस्थित होती है, और इनका भ्रूणपोष (Endosperm) निषेचन से पहले बनने के कारण अगुणित (n) प्रकृति का होता है।
2. केल्विन चक्र (C3 चक्र) में कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक ग्राही एक 5-कार्बन यौगिक 'रिबुलोस 1,5-बिफॉसफेस' (RuBP) होता है, और यह अभिक्रिया 'रुबिस्को' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है, जो पृथ्वी पर सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला एंजाइम है।
3. साइटोकिनीन (Cytokinin) पादप हॉर्मोन मुख्य रूप से जड़ों के अग्रभाग पर संश्लेषित होता है और यह कोशिका विभाजन को प्रेरित करने के साथ-साथ 'जीर्णता' (Senescence) की प्रक्रिया को विलंब करने में सहायता करता है।
4. प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रिया (Dark reaction या केल्विन चक्र) सीधे तौर पर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति पर निर्भर करती है और यह पौधे की हरित लवक की थाइलाकोइड झिल्ली में घटित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रियाविधि और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये स्थल पर जीवित रह सकते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए इन्हें जल की अनिवार्यता होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से प्रकाश संश्लेषण करता है।
2. C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर C3 पौधों की तुलना में नगण्य होती है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इनमें प्राथमिक $ ext{CO}_2$ स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में PEP carboxylase द्वारा होता है, जो ऑक्सीजन के प्रति उच्च आत्मीयता रखता है और रुबिस्को (RuBisCO) एंजाइम को उच्च $ ext{CO}_2$ सांद्रता वाले बंडल शीथ कोशिकाओं में सुरक्षित रखता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (Abscisic Acid - ABA) एक तनाव हार्मोन है जो पौधों में जल की कमी के समय रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, तथा यह जिबरेलिन (Gibberellin) के विपरीत कार्य करते हुए बीज प्रसुप्तन (Seed dormancy) को बढ़ावा देता है और पत्तियों के विलगन (Abscission) को रोकता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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