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General Science
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी गैस में ध्वनि की चाल (Speed of sound) माध्यम के दाब पर निर्भर नहीं करती है, क्योंकि तापमान स्थिर रहने पर दाब में वृद्धि होने से गैस का घनत्व उसी अनुपात में बढ़ जाता है जिससे दाब और घनत्व का अनुपात (P/d) अचर रहता है।
- 2. लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रम के बजाय एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रम होता है, क्योंकि ध्वनि तरंगों के संपीड़न और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न होने वाली ऊष्मा को बाहर जाने या बाहर से आने का समय नहीं मिलता है।
- 3. जब कोई ध्वनि स्रोत श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आभासी आवृत्ति में वृद्धि 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler Effect) के कारण होती है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों पर भी लागू होता है जहाँ तारे से आने वाले प्रकाश का लाल विस्थापन (Redshift) ब्रह्मांड के विस्तार को दर्शाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन तरंग गति और ध्वनि तरंगों के सिद्धांतों के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। न्यूटन ने ध्वनि के संचरण को समतापीय माना था जिसमें लाप्लास ने रुद्धोष्म प्रक्रम का संशोधन जोड़ा। डॉप्लर प्रभाव ध्वनि और प्रकाश दोनों प्रकार की तरंगों पर लागू होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन तंत्रिका-पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) द्वारा संचयित और रक्त में विमोचित किया जाता है, जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के तीव्र संकुचन और स्तनपान के समय दुग्ध निष्कासन (Milk ejection reflex) को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) के जोना ग्लोमेरुलोसा क्षेत्र से स्रावित होने वाला 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) एक ग्लूकोकॉर्टिकॉइड है, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस, ग्लूकोनियोजेनेसिस और प्रोटीन-वसा के अपघटन को प्रेरित करके रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है तथा प्रतिरक्षा प्रणाली का दमन करता है।
3. अग्नाशय की लैंगरहैंस की द्वीपिका (Islets of Langerhans) की डेल्टा कोशिकाएं 'सोमैटोस्टैटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन का स्राव करती हैं, जो अल्फा और बीटा कोशिकाओं से क्रमशः ग्लूकागॉन और इंसुलिन के स्राव को स्थानीय रूप से संदमित (Inhibit) करता है।
4. पीयूष ग्रंथि का अग्र भाग (Adenohypophysis) 'प्रोलैक्टिन' (Prolactin) का स्राव करता है, जो स्तन ग्रंथियों के विकास और दुग्ध उत्पादन को सीधे नियंत्रित करता है, तथा हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाला 'डोपामीन' (PIH) इस हॉर्मोन के स्राव को उत्तेजित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells या Peptic cells) निष्क्रिय पेप्सिनोजेन का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होता है, और यह प्रोटीनों को प्रोटीोज, पेप्टोन और डाइपेप्टाइड्स में जल-अपघटित करता है।
2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन के दौरान बाह्य अंतरापर्शुक पेशियाँ (External intercostal muscles) और डायाफ्राम के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन बढ़ जाता है, जिससे फेफड़ों के भीतर का अंतरापोषीय दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है और वायु फेफड़ों के अंदर प्रवाहित होती है।
3. हृदय के चालन तंत्र में विद्युत आवेगों की शुरुआत एट्रियोवेंट्रिकल (AV) नोड से होती है, जिसे हृदय का प्राकृतिक 'पेसमेकर' कहा जाता है, और यह आवेग बंडल ऑफ हिस से होते हुए सिनोट्रायल (SA) नोड तक पहुँचता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक महत्वपूर्ण भाग 'हाइपोथैलेमस' भूख, प्यास, शरीर के तापमान और दैहिक लय (Circadian rhythm) के नियमन के साथ-साथ पीयूष ग्रंथि के स्रावण को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की प्रकृति तथा ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायु में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, जिसकी गणना सर्वप्रथम लाप्लास ने न्यूटन के इस त्रुटिपूर्ण सूत्र में संशोधन करके की थी कि यह प्रक्रिया समतापीय (Isothermal) होती है।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, जबकि दाब में परिवर्तन करने पर गैस में ध्वनि की चाल पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि दाब और घनत्व का अनुपात नियत रहता है।
3. अनुप्रस्थ तरंगों का निर्माण केवल उन्हीं माध्यमों में संभव है जिनमें अपरूपण प्रतिरोधी (Shear Resistance) गुण विद्यमान हो, और यही कारण है कि अनुप्रस्थ तरंगें गैसों के भीतर संचरित नहीं हो सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear Modulus) शून्य होती है।
4. जब ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता में भिन्नता के कारण उसकी चाल और आयाम में परिवर्तन हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आदर्श गैस?
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लेंस का सूत्र?
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