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General Science
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के नियामक एवं क्रियात्मक तंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. छोटी आंत की श्लेष्मला (Mucosa) द्वारा स्रावित 'एंटेरोकाइनेज' (Enterokinase) एंजाइम अग्नाशयी रस के निष्क्रिय 'ट्रिप्सिनोजेन' को सक्रिय 'ट्रिप्सिन' में परिवर्तित करता है, जो आगे चलकर अन्य प्रोटीएज एंजाइमों को सक्रिय करता है।
  2. 2. विश्राम की अवस्था में सामान्य वयस्क मनुष्य द्वारा प्रति मिनट अंतःश्वसित या उच्च्वसित वायु की कुल मात्रा 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) कहलाती है, जिसका मान लगभग 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट होता है।
  3. 3. मानव हृदय के संकुचन के दौरान उत्पन्न होने वाले विद्युत विभवांतर को दर्शाने वाले 'इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम' (ECG) में QRS कॉम्प्लेक्स निलय के ध्रुवण (Ventricular depolarization) को निरूपित करता है, जो निलय के संकुचन की शुरुआत का प्रतीक है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि छोटी आंत के म्यूकोसा से स्रावित एंटेरोकाइनेज (Enterokinase) अग्नाशयी रस के निष्क्रिय ट्रिप्सिनोजेन को सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट की कुल वायु मात्रा को 'प्रोटोकॉल प्रति मिनट वेंटिलेशन' कहा जाता है, जबकि 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) एक बार की सामान्य श्वास में ली गई वायु की मात्रा है जो स्वस्थ मनुष्य में लगभग 500 मिलीलीटर होती है। कथन 3 सही है; ECG में QRS कॉम्प्लेक्स निलय के ध्रुवण (Ventricular depolarization) को दर्शाता है जो निलय के संकुचन को ट्रिगर करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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