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General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण और विटामिनों की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जल में घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन B और C) शरीर में संचित नहीं किए जा सकते हैं और मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाते हैं, सिवाय 'विटामिन B12' के, जिसका यकृत (Liver) में महीनों तक भंडारण हो सकता है।
  2. 2. 'नियासिन' (विटामिन B3) का अग्रगामी (Precursor) आवश्यक अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' है, और शरीर में ट्रिप्टोफैन की पर्याप्त मात्रा होने पर इसका संश्लेषण किया जा सकता है, जिसकी कमी से 'पेलग्रा' (Pellagra) रोग होता है जिसे '4Ds' (Dermatitis, Diarrhea, Dementia, Death) के लक्षणों से पहचाना जाता है।
  3. 3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन K' प्रोथ्रॉम्बिन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है और यह केवल बाह्य स्रोतों (आहार) से प्राप्त होता है, क्योंकि मानव शरीर की आंतों में उपस्थित सहजीवी बैक्टीरिया इसका संश्लेषण करने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: अधिकांश जल में घुलनशील विटामिन शरीर में संग्रहित नहीं होते और मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाते हैं, किंतु विटामिन B12 (कोबालामिन) यकृत में वर्षों या महीनों तक संचित रह सकता है। कथन 2 सही है: विटामिन B3 या नियासिन का निर्माण शरीर में आवश्यक अमीनो अम्ल ट्रिप्टोफैन से हो सकता है। इसकी कमी से पेलग्रा रोग होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि मानव आंतों में पाए जाने वाले सहजीवी बैक्टीरिया (जैसे *E. coli*) प्राकृतिक रूप से विटामिन K का संश्लेषण करते हैं। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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