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General Science
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार या प्रतिरक्षात्मक तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'क्षय रोग' (Tuberculosis) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, और इसके उपचार के लिए दी जाने वाली 'डॉट्स्' (DOTS) प्रणाली में रिफैम्पिसिन और आइसोनियाज़िड जैसी एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है।
  2. 2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणुजनित घातक बीमारी है जो मुख्य रूप से लाइساवाइरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होती है, और यह रोग संक्रमित जानवरों (विशेषकर कुत्तों) की लार से मानव तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है जिसके लिए पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) प्रभावी होती है।
  3. 3. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो शरीर की CD4+ T-लिम्फोसाइट कोशिकाओं पर आक्रमण कर प्रतिरक्षा तंत्र को पूरी तरह नष्ट कर देता है, और इसके निदान के लिए 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण प्राथमिक संपुष्टि (Confirmatory test) के रूप में किया जाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि क्षय रोग (Tuberculosis) 'माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस' जीवाणु के संक्रमण से होता है और এর प्रभावी नियंत्रण के लिए DOTS (Directly Observed Treatment, Short-course) प्रणाली अपनाई जाती है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि रेबीज लाइसावाइरस के कारण होने वाली एक जूनोटिक वायरल बीमारी है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। कथन 3 आंशिक रूप से गलत है क्योंकि 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण एचआईवी संक्रमण के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट (Screening test) है, जबकि संपुष्टि (Confirmatory) परीक्षण के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) या पीसीआर परीक्षण का उपयोग किया जाता है।
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