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General Science
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में किसी धातु या मिश्र धातु का विद्युत प्रतिरोध घटकर शून्य हो जाता है, और जब कोई पदार्थ अतिचालक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह अपने भीतर से बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को पूर्ण रूप से बाहर धकेल देता है, जिसे 'माइस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है।
  2. 2. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत यथार्थता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की अवस्था में तब होता है जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप नहीं होता है, जिससे भुजाओं के प्रतिरोधों का अनुपात $P/Q = S/R$ (मानक संकेतों के अनुसार) संतुष्ट होता है।
  3. 3. विभवमापी (Potentiometer) को वोल्टमीटर की तुलना में अधिक श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि विभवमापी संतुलन बिंदु प्राप्त करते समय परिपथ से शून्य धारा (Infinite resistance) आहरित करता है, जिससे यह सेल के आंतरिक प्रतिरोध और विद्युत वाहक बल (EMF) को बिना किसी त्रुटि के यथार्थ रूप से माप सकता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। अतिचालकता के दौरान सामग्री का प्रतिरोध शून्य हो जाता है और माइस्नर प्रभाव के कारण चुंबकीय बल रेखाएं उससे बाहर हो जाती हैं। व्हीटस्टोन सेतु अज्ञात प्रतिरोध को मापने की एक अत्यंत संवेदनशील और सटीक व्यवस्था है, जो संतुलन की स्थिति ($P/Q = R/S$) पर आधारित होती है। इसके अतिरिक्त, विभवमापी वोल्टमीटर से श्रेष्ठ होता है क्योंकि यह माप करते समय सेल या स्रोत से कोई धारा नहीं खींचता (अर्थात इसका प्रभावी प्रतिरोध अनंत होता है), जिससे मापा गया विद्युत वाहक बल एकदम वास्तविक होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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