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General Science
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों की रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील क्षार धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, और जल के साथ तीव्र एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करके ये हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं।
- 2. 'एक्वा रीजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के अनुपात में ताजा मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
- 3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा क्रिस्टलीय अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसके सभी संयोजी इलेक्ट्रॉन प्रबल सहसंयोजक बंधों द्वारा कार्बन परमाणुओं के बीच स्थानीयकृत (Localized) होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सोडियम और पोटैशियम मृदु धातुएं होती हैं और इनकी घनत्व क्षमता कम तथा रासायनिक सक्रियता बहुत उच्च होती है। कथन 2 सही है क्योंकि एक्वा रीजिया (राजजल) सांद्र $HCl$ (3 भाग) और सांद्र $HNO_3$ (1 भाग) का मिश्रण है, जिसका उपयोग विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार स्वर्ण जैसी अक्रिय धातुओं को गलाने में किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है और एक मुक्त इलेक्ट्रॉन (Delocalized electron) उपस्थित होता है, जिसके कारण ग्रेफाइट विद्युत और ऊष्मा का सुचालक होता है, न कि कुचालक।
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार वे होते हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने की प्रवृत्ति रखते हैं।
2. 'हार्ड एंड सॉफ्ट एसिड्स एंड बेसिस' (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, कठोर अम्ल (Hard acids) छोटे आकार, उच्च धनात्मक आवेश घनत्व और कम ध्रुवणीयता वाले होते हैं, और वे प्राथमिकता से मृदु क्षारों के साथ अत्यधिक स्थायी और सहसंयोजक यौगिक बनाते हैं।
3. ब्रॉन्स्टेड-लोरी (Bronsted-Lowry) संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) हमेशा दुर्बल होता है, तथा जल की उपस्थिति में 'ऑर्गेनोसल्फोनिक एसिड' जैसे प्रबल अम्ल लगभग पूर्ण रूप से वियोजित हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंप की तीव्रता मापने का यंत्र?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. भंवर धाराएँ (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्ठी (Induction Furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा चुंबकीय ब्रेकिंग में किया जाता है।
4. स्वप्रेरणा गुणांक (Self-inductance) का एसआई मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है, और यह परिपथ की ज्यामितीय बनावट तथा उसके फेरों की संख्या पर निर्भर नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र और उपग्रहों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी पर गुरुत्वाकर्षण विभव (Gravitational potential) का मान शून्य माना जाता है, और किसी पिंड को अनंत से गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के भीतर किसी बिंदु तक लाने में किया गया कार्य ऋणात्मक होता है, जिससे उस बिंदु पर विभव ऋणात्मक हो जाता है।
2. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो इस बात को दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है, तथा इस कुल ऊर्जा का मान गतिज ऊर्जा का आधा और स्थितिज ऊर्जा के परिमाण के आधे के बराबर होता है।
3. यदि पृथ्वी अपने वर्तमान कोणीय वेग से अपनी अक्ष पर घूमना बंद कर दे (अर्थात उसका घूर्णन रुक जाए), तो विषुवत रेखा पर रखी वस्तुओं के भार में आभासी वृद्धि होगी और वहाँ गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान अधिकतम हो जाएगा।
4. केप्लर के ग्रहीय गति के तृतीय नियम के अनुसार, किसी ग्रह के परिक्रमण काल ($T$) का वर्ग उसकी सूर्य से औसत दूरी ($r$) के घन के अनुक्रमानुपाती होता है, और यह नियम केंद्रीय बलों के व्युत्क्रम-वर्ग नियम (Inverse-square law) पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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