BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
1 views

मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनेसिस और विभिन्न विटामिनों की जैव रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'ग्लाइकोजेनेसिस' (Glycogenesis) वह जैव रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें रक्त में ग्लूकोज की अधिकता होने पर यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन हॉर्मोन की उपस्थिति में ग्लूकोज के अणुओं को ग्लाइकोजन श्रृंखला में परिवर्तित करके संचित किया जाता है।
  2. 2. विटामिन B3 (नियासिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप NAD+ और NADP+ है, जो कि ग्लाइकोलाइटिक मार्ग और क्रेब्स चक्र के दौरान कई ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) अभिक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है।
  3. 3. 'विटामिन K' एक जल में घुलनशील विटामिन है जो यकृत में प्रोथ्रॉम्बिन और अन्य रक्त का थक्का जमाने वाले कारकों के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए आवश्यक एक अनिवार्य सह-कारक के रूप में कार्य करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन की प्रेरणा से ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संचित किया जाता है। कथन 2 सही है: विटामिन B3 जिसे नियासिन (Niacin) कहा जाता है, उसके व्युत्पन्न coenzymes जैसे NAD+ और NADP+ cellular respiration और carbohydrate metabolism में महत्वपूर्ण redox प्रतिक्रियाओं को संचालित करते हैं। कथन 3 गलत है: विटामिन K जल में घुलनशील नहीं, बल्कि वसा में घुलनशील (fat-soluble) विटामिन है, जो रक्त का थक्का जमाने (blood coagulation) के लिए आवश्यक प्रोथ्रॉम्बिन के संश्लेषण में मदद करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

शक्ति का मात्रक? तरंग में क्या नहीं चलता? विद्युत आवेश? हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg Equilibrium) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसमुदाय में जीन आवृत्तियाँ (Allele Frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर और अचर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह, जीन प्रवाह और गैर-यादृच्छिक संभोग जैसे विकासवादी कारक प्रभावी न हों। 2. यदि किसी द्विगुणिता (Diploid) जनसमुदाय में एक निश्चित जीन लोकी पर दो एलील 'A' और 'a' हैं, जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो इस जनसमुदाय में विषमयुग्मजी (Heterozygous, Aa) जीनोटाइप की अपेक्षित आवृत्ति $2pq$ द्वारा दी जाती है। 3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) की प्रक्रिया हमेशा हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था को बनाए रखती है क्योंकि यह जनसमुदाय के सभी सदस्यों की उत्तरजीविता और प्रजनन क्षमता को समान रूप से बढ़ावा देती है। 4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक ऐसा प्रक्रम है जो छोटे जनसमुदायों में यादृच्छिक कारणों से एलील आवृत्तियों में महत्वपूर्ण परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था भंग हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? ऊष्मागतिकी और तापमापी के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्थापित करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) विद्युत प्रतिरोध के तापमान के साथ रैखिक परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है और इसका उपयोग बहुत कम तापमान (-200°C) से लेकर उच्च तापमान (1200°C) तक के परास को मापने के लिए किया जाता है। 3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य ($Q = 0$) होता है, और यदि किसी आदर्श गैस का रुद्धोष्म रूप से संपीड़न किया जाए, तो उसकी आंतरिक ऊर्जा घटती है जिसके परिणामस्वरूप उसके तापमान में गिरावट आती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.