त्वरित लिंक्स
General Science
1 views
मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की भित्ति में स्थित ऑक्सीपिटिक या पैराइटल कोशिकाओं (Oxyntic cells) द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित किया जाता है, जो छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
- 2. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो ऑक्सीजन-युक्त (शुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) डीऑक्सीजनेटेड रक्त का वहन करती है।
- 3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स (Synapse) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक संदेशवाहकों यानी न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) के द्वारा होता है, जो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से निकलकर पोस्ट-सिनेप्टिक रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय (Stomach) की भित्ति में पाई जाने वाली पैराइटल या ऑक्सीपिटिक कोशिकाएं हाइड्रोक्लोरिक एसिड ($HCl$) के साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' स्रावित करती हैं, जो इलियम में विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबालामिन) के अवशोषण में मदद करता है।
कथन 2 गलत है क्योंकि फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) शरीर के अन्य अंगों से आने वाले अशुद्ध (CO2-युक्त) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) फेफड़ों से शुद्ध (O2-युक्त) रक्त को वापस बाएं आलिंद में लाती है।
कथन 3 सही है क्योंकि दो तंत्रिका कोशिकाओं के मिलन स्थल यानी सिनेप्स पर आवेगों का संचरण रासायनिक माध्यमों द्वारा होता है, जिसमें न्यूरोट्रांसमीटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानव शरीर के इन अंगों और प्रणालियों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्रतिरक्षा विज्ञान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन के रूप में उपस्थित 'एग्लूटीनोजेन' (एंटीजन) का निर्धारण 'I' जीन द्वारा नियंत्रित होता है, जिसके तीन एलील ($I^A$, $I^B$, और $i$) होते हैं; इनमें $I^A$ और $I^B$ सह-प्रभाविता दर्शाते हैं जबकि $i$ के प्रति अप्रभावी होते हैं।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group या $O_h$) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H' एंटीजन अनुपस्थित होता है, जिसके कारण उनके प्लाज्मा में एंटी-A, एंटी-B के साथ-साथ 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी पाई जाती है, और वे केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
3. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) के दौरान, प्रोथ्रॉम्बिन एक्टिवेटर एंजाइम (थ्रॉम्बोकाइनेज) कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में निष्क्रिय प्रोथ्रॉम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में परिवर्तित करता है, जो आगे घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदल देता है।
4. 'गर्भक्ता रक्ताकोरकता' (Erythroblastosis fetalis) की प्रतिरक्षात्मक स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता की प्रथम संतान Rh-धनात्मक होती है, जिससे प्रसव के समय माता के शरीर में Rh-एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें उनके अपने स्वयं के द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता होती है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की तरफ स्थित होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, और यह ग्लाइकोसिलेशन तथा ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है।
3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइमों से समृद्ध होता है, और यह पादप कोशिकाओं में ग्लायॉक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसा अम्लों के कार्बोहाइड्रेट में रूपांतरण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है।
4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए उत्तरदायी होते हैं और इनमें अम्लीय फॉस्फेटेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं, जिनकी सक्रियता का अनुकूलतम pH लगभग 7.4 (क्षारीय) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनोलिसिस और विभिन्न पोषक तत्वों की जैव-रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत यकृत और कंकाल पेशियों में रक्त शर्करा (ग्लूकोज) के आधिक्य को इंसुलिन हार्मोन के प्रभाव से ग्लाइकोजन के रूप में संचित किया जाता है, जबकि उपवास या ऊर्जा की कमी के समय 'ग्लूकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे अमीनो एसिड और ग्लिसरोल से ग्लूकोज का संश्लेषण करता है।
2. 'पेंटोज़ फॉस्फेट मार्ग' (Hexose Monophosphate Shunt), ग्लाइकोलिसिस के समांतर चलने वाली एक वैकल्पिक चयापचय प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से साइटोप्लाज्म में संपन्न होती है और इसका प्रमुख उद्देश्य NADPH तथा राइबोज़-5-फास्फेट का उत्पादन करना है, जो न्यूक्लिक अम्ल संश्लेषण और वसा अम्लों के अपचयन के लिए अनिवार्य हैं।
3. आंतों द्वारा कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण हमेशा केवल सरल विसरण (Simple diffusion) के माध्यम से होता है, क्योंकि ग्लूकोज और गैलक्टोज जैसे मोनोसैक्राइड्स के अणुओं का आकार बहुत छोटा होता है और इन्हें प्लाज्मा झिल्ली को पार करने के लिए किसी भी विशिष्ट सोडियम-निर्भर ट्रांसपोर्टर (SGLT1) की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पादप कार्यिकी और हॉर्मोनल विनियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एब्सिसिक अम्ल (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है क्योंकि यह प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे जल की कमी के दौरान पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है।
2. साइटोकाइनिन मुख्य रूप से जड़ों के अग्रभाग पर संश्लेषित होता है और यह शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को बढ़ावा देता है जबकि पार्श्व कलियों की वृद्धि को संदमित करता है।
3. एथिलीन एकमात्र गैसीय पादप हॉर्मोन है जो फलों के पकने को तीव्र करता है और द्विबीजपत्री पौधों में अनुप्रस्थ वृद्धि तथा हुक निर्माण जैसी त्रिस्तरीय (Triple response) प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
4. फ्लोरिजन (Florigen) एक काल्पनिक पादप हॉर्मोन माना जाता था जिसे अब पत्तियों में संश्लेषित होने वाला और पुष्पीयन को प्रेरित करने वाला 'FT प्रोटीन' के रूप में पहचाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्य जालिका' (Endoplasmic Reticulum - ER) और 'गॉल्जीकाय' (Golgi Apparatus) के बीच की कार्यात्मक और संरचनात्मक अन्योन्यक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं जो प्रोटीन संश्लेषण में भाग लेते हैं, और संश्लेषित प्रोटीन को रासायनिक संशोधन (जैसे ग्लाइकोसिलेशन) के लिए वेसिकल के रूप में गॉल्जीकाय के 'सिस' (Cis) नेटवर्क में भेजा जाता है।
2. गॉल्जीकाय का 'ट्रांस' (Trans) चेहरा मुख्य रूप से निर्माणकारी (Forming) चेहरा कहलाता है जो अंतःप्रद्रव्य जालिका के समीप स्थित होता है, जबकि 'सिस' चेहरा परिपक्व (Maturing) चेहरा होता है जहाँ से प्रोटीनों को पैक करके लाइसोसोम या प्लाज्मा झिल्ली के लिए गंतव्य स्थानों पर भेजा जाता है।
3. लिपिड और स्टेरॉयड हॉर्मोन्स का संश्लेषण चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) में होता है, और यह अंगक विषैले पदार्थों के निराविषीकरण (Detoxification) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.