BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
24 views

मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आमाशय की भित्ति में स्थित ऑक्सीपिटिक या पैराइटल कोशिकाओं (Oxyntic cells) द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित किया जाता है, जो छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
  2. 2. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो ऑक्सीजन-युक्त (शुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) डीऑक्सीजनेटेड रक्त का वहन करती है।
  3. 3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स (Synapse) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक संदेशवाहकों यानी न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) के द्वारा होता है, जो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से निकलकर पोस्ट-सिनेप्टिक रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय (Stomach) की भित्ति में पाई जाने वाली पैराइटल या ऑक्सीपिटिक कोशिकाएं हाइड्रोक्लोरिक एसिड ($HCl$) के साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' स्रावित करती हैं, जो इलियम में विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबालामिन) के अवशोषण में मदद करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) शरीर के अन्य अंगों से आने वाले अशुद्ध (CO2-युक्त) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) फेफड़ों से शुद्ध (O2-युक्त) रक्त को वापस बाएं आलिंद में लाती है। कथन 3 सही है क्योंकि दो तंत्रिका कोशिकाओं के मिलन स्थल यानी सिनेप्स पर आवेगों का संचरण रासायनिक माध्यमों द्वारा होता है, जिसमें न्यूरोट्रांसमीटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानव शरीर के इन अंगों और प्रणालियों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथों के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब समान मान के तीन प्रतिरोधकों को पहले श्रेणी क्रम (Series combination) में और फिर उन्हीं प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो दोनों स्थितियों में कुल तुल्य प्रतिरोध का अनुपात 9:1 होता है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत उच्च सटीकता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → सोनार (SONAR) किस सिद्धांत पर आधारित है? → आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में प्रकाश संश्लेषण के कैल्विन चक्र (C3 चक्र) और C4 पौधों की आंतरिक शारीरिकी (Kranz anatomy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. C3 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन यौगिक (3-Phosphoglyceric acid) होता है, और इसमें RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सिलेशन के साथ-साथ ऑक्सीजनेशन (Photorespiration) की क्रिया भी उत्प्रेरित करता है। 2. C4 पौधों में 'क्रान्ज शारीरिकी' (Kranz anatomy) पाई जाती है, जहाँ पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में PEP carboxylase एंजाइम द्वारा $CO_2$ का स्थिरीकरण होता है, जिससे मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड बनता है जो बाद में पूch-आच्छद (Bundle sheath) कोशिकाओं में स्थानांतरित हो जाता है। 3. प्रकाश श्वसन (Photorespiration) एक ऊर्जा-व्यर्थ करने वाली प्रक्रिया है जो C3 पौधों में उच्च प्रकाश तीव्रता, कम $CO_2$ और उच्च $O_2$ सांद्रता के कारण होती है, जबकि C4 पौधों में इस प्रक्रिया का अभाव होता है क्योंकि उनमें RuBisCO उच्च $CO_2$ सांद्रता वाले क्षेत्र में रहता है। 4. पादप हार्मोन 'साइटोकाइनिन' (Cytokinin) और 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) दोनों प्रकाश संश्लेषण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, जहाँ साइटोकाइनिन क्लोरोफिल के क्षس को रोकता है और हरित लवक के विकास को प्रेरित करता है, जबकि एब्सिसिक एसिड पर्णरंध्रों को खोलकर $CO_2$ के प्रवेश को अधिकतम करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? → आयाम? → प्रकाश की चाल निर्वात में कितनी होती है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.