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General Science
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय के पाइलोरिक क्षेत्र से स्रावित होने वाला 'गैस्ट्रिन' (Gastrin) हॉर्मोन मुख्य रूप से जठर ग्रंथियों को उद्दीपित कर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और पेप्सिनोजेन के स्रावण को प्रेरित करता है, जबकि 'सीक्रेटिन' हॉर्मोन छोटी आंत के अग्रभाग (ड्यूडेनम) से स्रावित होकर अग्नाशय द्वारा बाईकार्बोनेट-समृद्ध रस के स्रावण को नियंत्रित करता है।
- 2. फुफ्फुस परिसंचरण (Pulmonary circulation) के दौरान, दायां निलय (Right ventricle) डीऑक्सीजनेटेड रक्त को फुफ्फुस धमनी के माध्यम से फेफड़ों में भेजता है, जहाँ गैसीय विनिमय के बाद ऑक्सीजनेटेड रक्त चार फुफ्फुस शिराओं (Pulmonary veins) के माध्यम से बाएं आलिंद (Left atrium) में प्रवेश करता है।
- 3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में 'माइलिन आच्छद' (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में 'श्वान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में 'ओलिगोडेंड्रोसाइट्स' (Oligodendrocytes) द्वारा होता है, जो तंत्रिका आवेगों के साल्टेटरी चालन (Saltatory conduction) को संभव बनाकर उनकी चाल को तीव्र करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। पाचन तंत्र में गैस्ट्रिन और सीक्रेटिन जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल हॉर्मोन पाचक रस और अम्लीयता के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिसंचरण तंत्र में फेफड़ों और हृदय के बीच अशुद्ध और शुद्ध रक्त का परिवहन फुफ्फुस वाहिकाओं द्वारा होता है। तंत्रिका तंत्र में माइलिन आच्छद एक्सॉन के चारों ओर विद्युत रोधक आवरण बनाता है जिससे तंत्रिका आवेगों का चालन तीव्र होता है। इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी अवाष्पशील विलेय युक्त तनु विलयन के लिए वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलयन में विलेय के मोल अंश (Mole fraction) के ठीक बराबर होता है, और यह गुण विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर न करके केवल कणों की संख्या पर निर्भर करता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन (Dissociation) की स्थिति में हमेशा एक से कम होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान एक से अधिक होता है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' के 'अधिशोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार, अभिकर्मक अणु उत्प्रेरक की सतह पर आकर अधिशोषित होते हैं, जिससे उनकी प्रभावी सांद्रता में वृद्धि होती है और अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा ($E_a$) का मान कम हो जाता है।
4. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' की क्रियाविधि में 'माइकलिस-मेंटेन नियतांक' ($K_m$) का मान जितना कम होता है, एंजाइम और सब्सट्रेट के बीच की बंधुता (Affinity) उतनी ही अधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में कोशिकांगों की सूक्ष्म संरचना, उनके कार्यों और कोशिका चक्र के विभिन्न चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरे ऐसे कोशिका अंगक हैं जिनमें अम्लीय पीएच (लगभग 4.5 से 5.0) पर सक्रिय होने वाले हाइड्रोलिटिक एंजाइम (जैसे लाइपेज, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो अंतःकोशिकीय पाचन और ऑटोफैगी (Autophagy) की प्रक्रिया को संचालित करते हैं।
2. क्लोरोप्लास्ट और माइटोकॉन्ड्रिया दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिका अंगक हैं, जिनमें वृत्ताकार डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम उपस्थित होते हैं, तथा इनका द्वि-विभाजन द्वारा गुणन अंतःसहप्रजीविता (Endosymbiosis) सिद्धांत का समर्थन करता है।
3. कोशिका चक्र की 'जी-शून्य' (G0 phase) अवस्था में कोशिकाएं उपापचय रूप से सक्रिय रहती हैं, किंतु वे बिना किसी पूर्व संकेत के सीधे सूत्री विभाजन (Mitosis) में प्रवेश कर जाती हैं और डीएनए का प्रतिकृति (Replication) जारी रखती हैं।
4. पेरोक्सिसोम (Peroxisomes) छोटे, एकल झिल्ली वाले कोशिकांग हैं जो ऑक्सीडेटिव एंजाइमों जैसे कि कैटालेज और ऑक्सीडेज से युक्त होते हैं, और ये पादप कोशिकाओं में ग्लायऑक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसीय अम्ल के बीटा-ऑक्सीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) और उसके विघटन को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संप्रजनन करने वाली समष्टि (Randomly mating population) में एलील आवृत्तियाँ (Allelic frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते समष्टि पर कोई विकासवादी बल जैसे उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) प्रभावी न हो।
2. 'फाउंडर प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही आनुवंशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं, जो समष्टि के आकार में अचानक कमी आने या नए भौगोलिक क्षेत्र में कुछ जीवों के प्रवास के कारण एलील आवृत्तियों में तीव्र परिवर्तन उत्पन्न करते हैं।
3. प्राकृतिक चयन (Natural selection) के 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) प्रारूप में, चरम फिनोटाइप वाले जीवों को प्राथमिकता मिलती है और औसत फिनोटाइप वाले जीवों का संदमन होता है, जिससे समष्टि की माध्यिका (Mean) एक विशिष्ट दिशा में विस्थापित हो जाती है।
4. आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination) और जीन प्रवाह (Gene flow / Migration) समष्टि की एलील आवृत्तियों में परिवर्तन लाकर जैव विकास की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से गति प्रदान करते हैं, भले ही यादृच्छिक संभोग शत-प्रतिशत रूप से लागू हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरलों के यांत्रिकी गुणों—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव अणुओं के बीच प्रभावी संसंजक बलों (Cohesive forces) के कारण होता है, और जब किसी द्रव में कोई घुलनशील अशुद्धि मिलाई जाती है, तो सामान्यतः द्रव का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है, जबकि तापमान बढ़ाने पर अणुओं की तापीय ऊर्जा में वृद्धि के कारण पृष्ठ तनाव घट जाता है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) द्रवों में आंतरिक घर्षण का माप है, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है, जबकि द्रवों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है क्योंकि द्रवों में संसंजक बल तापमान बढ़ने पर मजबूत हो जाते हैं।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल (Buoyant force) पूरी तरह से विस्थापित तरल के द्रव्यमान केंद्र (Centre of mass) पर कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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ध्वनि का परावर्तन?
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