त्वरित लिंक्स
General Science
1 views
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) पहले ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें वास्तविक संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनका मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो स्पष्ट रूप से जड़, तने और पत्तियों में विभेदित रहता है।
- 2. C-4 चक्र में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) द्वारा होता है, जबकि केल्विन चक्र (C-3 चक्र) की क्रिया मुख्य रूप से बंडल शीथ (Bundle sheath) कोशिकाओं की हरितक में संपन्न होती है।
- 3. 'जिबरेलिन' (Gibberellin) पादप हॉर्मोन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की तीव्र लंबाई में वृद्धि (इंटरनोड दीर्घाकरण) को प्रेरित करता है, जबकि 'साइटोकाइनिन' मुख्य रूप से कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि टेरिडोफाइट्स (जैसे फ़र्न) पहले ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) विकसित हुए और इनका मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद होता है। कथन 2 सही है क्योंकि C-4 पौधों में कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में PEP कार्बोक्सिलेस द्वारा होता है और शर्करा का निर्माण बंडल शीथ कोशिकाओं में उपस्थित केल्विन चक्र द्वारा होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि जिबरेलिन तने की लंबाई और दीर्घाकरण को प्रेरित करता है, किंतु साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को बढ़ावा देता है और पत्तियों में जीर्णता (बुढ़ापा) को **रोकने** (विलंबित करने) का कार्य करता है, न कि त्वरित करने का। पादप जगत के वर्गीकरण की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण उस परिपथ से बद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित धारा के मान को परिवर्तित किया जाता है, तो उसके भीतर स्व-प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है, और इस घटना को 'स्वप्रेरकत्व' (Self-inductance) कहते हैं जिसका SI मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है।
4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण उत्पन्न होने वाली गोलाकार प्रेरित धाराएँ हैं, और इनका उपयोग केवल ट्रांसफॉर्मर के क्रोड में ऊर्जा हानि को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
प्रकाशिकी (Optics) और प्रकाश के अपवर्तन तथा लेंसों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस प्रक्रिया में प्रकाश की चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बढ़ जाते हैं जबकि आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है।
2. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, किसी लेंस की फोकस दूरी उसके दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, जिसके बारे में विस्तृत अध्ययन विकिपीडिया संदर्भ में उपलब्ध है।
3. यदि किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और उसकी अभिसारी (Converging) प्रकृति अपसारी (Diverging) प्रकृति में बदल जाती है।
4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
रेडियो तरंगें?
→
भौतिक राशियों की विमाओं और व्युत्पन्न मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Gravitational Constant): विमीय सूत्र $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ और एसआई मात्रक $\text{N m}^2 \text{kg}^{-2}$
2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension): विमीय सूत्र $[MT^{-2}]$ और एसआई मात्रक $\text{N m}^{-1}$
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-2}]$ और एसआई मात्रक $\text{kg m}^{-1} \text{s}^{-2}$
4. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J s}$
उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
→
रक्त का pH?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.