त्वरित लिंक्स
General Science
20 views
मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके संचरण या निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटैनोस्पैस्मिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में लगातार दर्दनाक ऐंठन या संकुचन पैदा करते हैं।
- 2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तंत्रिका-आक्रामक (Neurotropic) रोग है जो लाइساवायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और इसके संक्रमण के पश्चात केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तीव्र एन्सेफलाइटिस विकसित होता है, जिसके विशिष्ट लक्षणों में जल से अत्यधिक डर लगना यानी 'हाइड्रोफोबिया' शामिल है।
- 3. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो मुख्य रूप से CD4+ T-लिम्फोसाइट्स को नष्ट करता है, और इस रोग की पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण को प्राथमिक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में उपयोग किया जाता है, जबकि 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण केवल पुष्टिकरण (Confirmatory) के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि टिटनेस 'क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी' नामक जीवाणु द्वारा होता है और इसका एक्सोटॉक्सिन 'टिटैनोस्पैस्मिन' तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर पेशियों में गंभीर ऐंठन पैदा करता है। कथन 2 सही है क्योंकि रेबीज लाइसावायरस द्वारा फैलने वाला एक घातक विषाणु जनित रोग है, जिसमें 'हाइड्रोफोबिया' (जल से डर) इसका एक प्रमुख नैदानिक लक्षण है। कथन 3 गलत है क्योंकि एड्स के निदान के लिए 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण प्राथमिक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में उपयोग किया जाता है, जबकि 'वेस्टर्न ब्लॉट' परीक्षण संक्रमण की पुष्टि (Confirmatory test) के लिए किया जाता है, न कि इसके विपरीत। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
मानव शरीर में पोषण, जैविक अणुओं और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में, विशेषकर यकृत में, कई महीनों से लेकर वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
2. 'क्वाशियोरकोर' (Kwashiorkor) रोग केवल लंबे समय तक कुल कैलोरी (ऊर्जा) की गंभीर कमी के कारण होता है, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कैलोरी दोनों की एक साथ कमी का परिणाम है।
3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन E' (टोकोफेरोल) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो कोशिका झिल्ली को लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा की उपस्थिति में उसके गलनांक से नीचे के तापमान पर गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
2. सोडियम धातु को अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन तेल के नीचे संग्रहित किया जाता है, जबकि सफेद फास्फोरस को खुली हवा में रखने पर वह स्वतः प्रज्वलित हो जाता है, इसलिए उसे सुरक्षित रखने के लिए जल के भीतर डुबोकर रखा जाता है।
3. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, जो आयरन (III) ऑक्साइड जैसे धातु ऑक्साइडों को अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के माध्यम से अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में मुक्त करता है, जिसका उपयोग रेल की पटरियों को जोड़ने में होता है।
4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का हिमांक कम करने और मिश्रण की विद्युत चालकता बढ़ाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों और तापमान मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्यावस्था में होंगे।
2. कार्नोट इंजन (Carnot Engine) एक आदर्श ऊष्मा इंजन है जिसकी दक्षता (Efficiency) कार्यकारी पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है, और यह इस बात से स्वतंत्र होती है कि इंजन किन तापमान सीमाओं के बीच कार्य कर रहा है।
3. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के मध्य ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य होता है, जिसके परिणामस्वरूप गैस के प्रसार से उसकी आंतरिक ऊर्जा में कमी आती है और उसका ताप घट जाता है।
4. त्रिगुण बिंदु (Triple Point) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर किसी पदार्थ की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) तापीय साम्यावस्था में सह-अस्तित्व में होती हैं, जैसे शुद्ध जल का त्रिगुण बिंदु 273.16 K और 0.006 atm दाब पर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भूकंप?
→
हवा में नाइट्रोजन प्रतिशत?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.