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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न प्रोटोजोआ और कवक जनित रोगों तथा उनके संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अमीबायोसिस' (अमीबी पेचिश) एक प्रोटोजोआ जनित रोग है जो एंटअमीबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytica) के कारण होता है, और इसके संचरण का मुख्य माध्यम दूषित जल और भोजन है, जो आंतों के संक्रमण के साथ-साथ गंभीर रक्तयुक्त दस्त (डिसेंट्री) पैदा करता है।
- 2. 'रिंगवर्म' (दाद) एक कवक जनित संक्रामक त्वचा रोग है जो मुख्य रूप से माइक्रोस्पोरम, ट्राइकोफाइटन और एपिडर्मोफाइटन जैसे कवकों द्वारा होता है, और यह रोग मिट्टी या संक्रमित व्यक्तियों के तौकिए, कपड़ों या बिस्तर के उपयोग से फैलता है जिसके लिए उष्ण और नम वातावरण सबसे अनुकूल होता है।
- 3. 'एस्केरिसिज़' (Aroscariasis) एक कवक जनित आंतरिक संक्रमण है जो कवक के बीजाणुओं के अंतःश्वसन के माध्यम से फेफड़ों को सीधे प्रभावित करता है और तीव्र श्वासरोध उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 'अमीबायोसिस' (Amoebiasis) या अमीबी पेचिश एंटअमीबा हिस्टोलिटिका नामक प्रोटोजोआ परजीवी के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित जल और खाद्य पदार्थों के माध्यम से फैलता है और बड़ी आंत को संक्रमित करता है। कथन 2 सही है: 'दाद' (Ringworm) मानव में होने वाले सबसे सामान्य संक्रामक रोगों में से एक है, जो माइक्रोस्पोरम (Microsporum), ट्राइकोफाइटन (Trichophyton) और एपिडर्मोफाइटन (Epidermophyton) जैसे कवकों द्वारा होता है। इसके विकास के लिए गर्मी और नमी उपयुक्त परिस्थितियाँ प्रदान करती हैं। कथन 3 गलत है: 'एस्केरिसिज़' (Ascariasis) कवक जनित नहीं, बल्कि एक गोलकृमि (Nematode parasite - Ascaris lumbricoides) द्वारा होने वाला आंतों का संक्रमण है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिकी तथा अनुकूलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और जिस व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित होते हैं, उसका रक्त समूह 'AB' होता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्लाज्मा में H एंटीजन के विरुद्ध भी एंटीबॉडी पाई जाती है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता अपने गर्भ में Rh-धनात्मक (Rh+) भ्रूण को धारण करती है, जिससे पहली गर्भावस्था में ही भ्रूण की गंभीर क्षति या मृत्यु हो जाती है क्योंकि मातृ एंटीबॉडी प्लेसेंटा को बहुत तेजी से पार करती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हॉर्मोन का भंडारण और विमोचन करती है।
2. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को भी बढ़ाता है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का कॉर्टेक्स भाग 'ऐल्डोस्टेरॉन' मिनरलोकॉर्टिकॉइड स्रावित करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनअवशोषण को विनियमित करके रक्तचाप और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हॉर्मोन्स की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर अनिवार्य रूप से निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्राथमिक $CO_2$ स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है, जिससे 4-कार्बन यौगिक ऑक्सेलोएसेटिक अम्ल (OAA) बनता है, और यह प्रक्रिया प्रकाश श्वसन (Photorespiration) को न्यूनतम करने में सहायता करती है।
3. जिबरेलिन ($GA_3$) एक अम्लीय पादप हॉर्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्व) दीर्गीकरण को प्रेरित करता है, साथ ही यह अमेलानीकृत बीजों की प्रसुप्ति (Seed dormancy) को तोड़कर अंकुरण को बढ़ावा देता है।
4. साइटोकिनिन (जैसे काइनेटिन और ज़ियाटिन) मुख्य रूप से जड़ों के अग्रभाग में संश्लेषित होते हैं और यह शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को बढ़ावा देते हुए पार्श्व कलियों की वृद्धि को अत्यधिक तीव्र गति से उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'O' को सार्वभौमिक दाता (Universal Donor) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर एंटीजन A और एंटीजन B दोनों अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी अन्य रक्त समूह के व्यक्ति को दिया जा सकता है बिना आधान प्रतिक्रिया (Transfusion reaction) के।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो तब उत्पन्न हो सकती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता से उत्पन्न होने वाला पहला बच्चा Rh+ हो, जिससे माता के शरीर में Rh एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं और यह स्थिति पहले बच्चे के जन्म के समय घातक सिद्ध होती है।
3. रुधिर प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटीनिन) 'anti-A' और 'anti-B' प्रकृति में मुख्य रूप से IgM प्रकार के इम्युनोग्लोबुलिन होते हैं, जो आकार में बड़े होने के कारण प्लेसेंटा को पार नहीं कर पाते हैं।
4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) के दौरान, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए 'थ्रोम्बोप्लास्टिन' एंजाइम परिसर और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की अनिवार्य आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा में उसके गलनांक से कम तापमान पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करना और वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करना है।
2. ऐलुमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर उसका विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक के रूप में कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
3. 'सफेद सीसा' (White Lead) लेड कार्बोनेट और लेड हाइड्रॉक्साइड का एक मिश्रण होता है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से पेंट पिगमेंट के रूप में किया जाता है, किंतु हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने पर यह काला पड़ जाता है।
4. जब तांबे (Copper) के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte) को बेसीमर परिवर्तक (Bessemer converter) में गर्म किया जाता है, तो प्राप्त होने वाला फफोलेदार तांबा (Blister Copper) लगभग 99% शुद्ध होता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले फंस जाने के कारण फफोले जैसी संरचना बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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