त्वरित लिंक्स
General Science
21 views
ध्वनि तरंगों के संचरण और भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती और माध्यम के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, यही कारण है कि हाइड्रोजन गैस में ध्वनि की चाल ऑक्सीजन गैस की तुलना में अधिक होती है।
- 2. 'अनुनाद' (Resonance) की परिघटना तब घटित होती है जब किसी वस्तु पर आरोपित बाहरी आवर्ती बल की आवृत्ति उस वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति (Natural frequency) के बराबर हो जाती है, जिससे आयाम में अत्यधिक वृद्धि होती है।
- 3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में अपवर्तित होती हैं, तो उनकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं, परंतु उनकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है।
- 4. श्रव्यता की परास से अधिक आवृत्ति वाली 'पराश्रव्य तरंगें' (Ultrasound) हवा की तुलना में निर्वात में अत्यंत तीव्र गति से संचरण करती हैं क्योंकि निर्वात में कणों का कोई प्रतिरोध नहीं होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता और घनत्व पर निर्भर करती है ($v = \sqrt{E/d}$); हाइड्रोजन का घनत्व कम होने के कारण उसमें ध्वनि की चाल अधिक होती है। अनुनाद तब होता है जब बाह्य आवृत्ति वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति से मेल खाती है। माध्यम परिवर्तन पर ध्वनि की चाल और तरंगदैर्ध्य बदलते हैं, लेकिन आवृत्ति स्रोत पर निर्भर होने के कारण अपरिवर्तित रहती है। कथन 4 गलत है क्योंकि ध्वनि तरंगें 'यांत्रिक तरंगें' (Mechanical waves) हैं, जिन्हें संचरण के लिए किसी न किसी माध्यम की आवश्यकता होती है, और वे **निर्वात में संचरण नहीं कर सकती हैं**। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
उत्तल दर्पण की फोकस दूरी?
→
प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों और लेंसों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी अवतल दर्पण (Concave mirror) के सामने जब वस्तु को उसके वक्रता केंद्र (Centre of curvature) और फोकस (Focus) के बीच रखा जाता है, तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से आकार में बड़ा होता है।
2. उत्तल लेंस (Convex lens) की क्षमता धनात्मक होती है, और जब इस लेंस को किसी ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है।
3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens maker's formula) के अनुसार, किसी पतले लेंस की फोकस दूरी लेंस के दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, तथा यह प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) से पूर्णतः स्वतंत्र होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
प्लाज्मा अवस्था (Plasma State) की विशेषता क्या है?
→
भौतिक राशियों और उनके विमाओं (Dimensions) तथा मापन प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुप्त ऊष्मा' (Latent Heat) और 'गुरुत्वीय विभव' (Gravitational Potential) दोनों की विमीय सूत्र ($[L^2 T^{-2}]$) समान होती है, क्योंकि दोनों ही ऊर्जा या कार्य को प्रति इकाई राशि (द्रव्यमान) के रूप में व्यक्त करते हैं।
2. 'पारसेक' (Parsec) और 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियों को मापने की बड़ी इकाइयाँ हैं, जिनमें से पारसेक दूरी का सबसे बड़ा व्यावहारिक मात्रक है और यह लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
3. 'प्लांक नियतांक' (Planck's Constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular Momentum) की विमाएं भिन्न होती हैं, क्योंकि प्लांक नियतांक ऊर्जा और आवृत्ति का अनुपात है जबकि कोणीय संवेग रैखिक संवेग और त्रिज्या का गुणनफल है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'AB' वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) की सतह पर A और B दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्रकार के एंटीबॉडी का पूर्ण अभाव होता है, जिसके कारण उन्हें 'सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता' (Universal Recipient) कहा जाता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group) सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में से एक है, जिसमें व्यक्ति के लाल रक्त कणिकाओं पर 'H प्रतिजन' की अनुपस्थिति होती है, क्योंकि इनमें FUT1 जीन का उत्परिवर्तन होता है, और ऐसा व्यक्ति केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकता है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता के प्रथम गर्भधारण के दौरान ही गंभीर रूप से उत्पन्न हो जाती है, जिससे नवजात शिशु में गंभीर पीलिया और एनीमिया हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.