त्वरित लिंक्स
General Science
19 views
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रुधिर वर्गों की जैव रासायनिक तथा प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले 'एग्लुटिनोजेन' (एंटीजन) ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइcoprotein प्रकृति के होते हैं, जबकि रक्त प्लाज्मा में उपस्थित 'एग्लुटिनिन' (एंटीबॉडी) प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले इम्युनोग्लोबुलिन (मुख्य रूप से IgM और IgG) होते हैं।
- 2. 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-धनात्मक माता और Rh-ऋणात्मक गर्भस्थ शिशु के बीच रुधिर असंगति होती है, जिससे माता के शरीर में एंटी-Rh एंटीबॉडी का निर्माण होता है और यह शिशु की आरबीसी को नष्ट कर देता है।
- 3. रक्त समूह 'O' वाले व्यक्तियों को 'सार्वभौमिक दाता' (Universal Donor) माना जाता है क्योंकि उनकी लाल रक्त कोशिकाओं पर एंटीजन A और एंटीजन B दोनों का पूर्ण अभाव होता है, जिससे प्राप्तकर्ता के प्लाज्मा में उपस्थित एंटीबॉडी के साथ कोई गंभीर एग्लूटिनाइजेशन (समूहन) प्रतिक्रिया नहीं होती है।
- 4. मानव शरीर में परिसंचरित होने वाले कुल रुधिर का लगभग 55% भाग रुधिर प्लाज्मा होता है, जिसमें लगभग 90-92% जल और 6-8% प्रोटीन (जैसे एल्बुमिन, ग्लोबुलिन और फाइब्रिनोजेन) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन होते हैं और प्लाज्मा में एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) प्राकृतिक रूप से IgM या IgG प्रकार के होते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस की समस्या तब उत्पन्न होती है जब **Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता** और **Rh-धनात्मक (Rh+) गर्भस्थ शिशु** होता है, न कि इसके विपरीत। कथन 3 सही है क्योंकि O समूह की RBC पर A और B एंटीजन नहीं होते, अतः यह सार्वभौमिक दाता है। कथन 4 सही है कि प्लाज्मा कुल रक्त का लगभग 55% होता है जिसमें जल और प्लाज्मा प्रोटीन होते हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और उपग्रहों की कक्षीय गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल) के अंतर्गत गति करते हुए किसी ग्रह का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिससे ग्रह सूर्य के निकट होने पर अधिक तीव्र गति से चलता है।
2. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है और उसे अनंत तक भेजने के लिए बाह्य ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की पृथ्वी की सतह से ऊँचाई लगभग 36,000 किमी होती है, और यह उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन दिशा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर अपनी कक्षा में परिक्रमण करता है।
4. किसी उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और उसमें स्थित यात्री दोनों पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण (गुरुत्वीय त्वरण) से मुक्त पतन की स्थिति में होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के मान को दोगुना कर दिया जाता है, तो उसके भीतर उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता भी दोगुनी हो जाती है, और इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समानांतर सीधी रेखाओं के रूप में होती हैं।
4. स्वप्रेरण गुणांक (Self-inductance) का SI मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है, और यह किसी कुंडली की भौतिक ज्यामिति या आकार पर निर्भर नहीं करता है बल्कि केवल उसमें बहने वाली धारा पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में 'कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स' (Oral Contraceptive Pills) में प्रयुक्त होने वाले सिंथेटिक प्रोजेस्टोजेन और एस्ट्रोजन के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ये गोलियाँ मुख्य रूप से डिंबोत्सर्जन (Ovulation) को रोकती हैं और गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के बलगम (Mucus) को गाढ़ा कर देती हैं ताकि शुक्राणुओं का प्रवेश अवरुद्ध हो सके।
2. ये गोलियाँ गर्भाशय के एंडोमेट्रियम (Endometrium) को इस प्रकार परिवर्तित करती हैं कि वह निषेचित अंडाणु के रोपण (Implantation) के लिए अनुपयुक्त हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न आवर्ती गुणों और रासायनिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की 'द्वितीय आयनन एन्थैल्पी' (Second Ionization Enthalpy) का मान हमेशा उसकी 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' से अधिक होता है, क्योंकि उदासीन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने के बाद बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और आकार छोटा हो जाता है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी हैलोजन तत्वों में क्लोरीन के लिए सर्वाधिक ऋणात्मक होता है, न कि फ्लोरीन के लिए, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के बहुत छोटे आकार के कारण आने वाले अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन पर होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण (Interelectronic repulsion) है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के प्रभावस्वरूप, छठी अवधि के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवीं अवधि के उनके ठीक ऊपर वाले तत्वों (जैसे Zirconium) की तुलना में भिन्न हो जाते हैं और कोई समानता नहीं दर्शाते।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
रेबीज के टीके की खोज?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.