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General Science
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पारसेक (Parsec) खगोलीय पिंडों की दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह एक चाप सेकंड (1 arcsec) का लंबन कोण बनाने वाले वृत्त की त्रिज्या को दर्शाती है।
  2. 2. 'ठोस कोण' (Solid Angle) एक व्युत्पन्न भौतिक राशि है, जिसका एसआई मात्रक 'स्टेरेडियन' (Steradian) है और यह एक विमाहीन (Dimensionless) राशि है क्योंकि यह दो समान प्रकार की विमाओं वाले क्षेत्रफलों का अनुपात होती है।
  3. 3. माइक्रोन ($1 \mu m$) और फर्मी ($1 fm$) दोनों लंबाई की छोटी इकाइयाँ हैं, जहाँ एक फर्मी का मान $10^{-15}$ मीटर होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से नाभिकीय दूरियों या परमाणु के आकार को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
  4. 4. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional Formula) इस बात को स्पष्ट करता है कि उस राशि में मूल भौतिक राशियों (जैसे द्रव्यमान, लंबाई, समय) की कितनी घातें सम्मिलित हैं, और यह पद्धति मात्रक की प्रणाली बदलने पर भी परिवर्तित हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी की सबसे बड़ी इकाई है और 1 पारसेक $= 3.26$ प्रकाश वर्ष होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि ठोस कोण एक विमाहीन राशि नहीं है बल्कि यह क्षेत्रफलों का अनुपात ($A/r^2$) होने के कारण आयाम रहित (Dimensionless) हो सकती है, लेकिन रेडियन और स्टेरेडियन जैसी पूरक राशियाँ 'मात्रक' रखती हैं, हालांकि इन्हें विमाहीन माना जाता है; तथापि, मुख्य तकनीकी त्रुटि यह है कि यह दो क्षेत्रफलों का नहीं बल्कि चाप की लंबाई और त्रिज्या का अनुपात (समतल कोण के लिए) या क्षेत्रफल और दूरी के वर्ग का अनुपात (ठोस कोण के लिए) होता है। अधिक सटीक रूप से, कथन 4 गलत है क्योंकि विमीय सूत्र पद्धति बदलने पर (जैसे SI से CGS) अपरिवर्तित रहता है, केवल मापा गया संख्यात्मक मान बदलता है। इस प्रकार सही विकल्प b है जिसमें कथन 1 और 3 सत्य हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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Related Questions

प्रकाश परावर्तन? भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. पारsec (पारसेक) - यह खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है। 2. पास्कल (Pascal) - यह दाब की एसआई (SI) व्युत्पन्न इकाई है, जिसे $1 \text{ N/m}^2$ के रूप में परिभाषित किया जाता है। 3. कैंडिला (Candela) - यह सात मूल भौतिक राशियों में से एक है, जो ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) को मापती है और यह किसी विशेष दिशा में प्रकाश स्रोत के विकिरण की तीव्रता पर आधारित होती है। 4. फर्मी (Fermi) - यह लंबाई मापने की एक अत्यंत छोटी इकाई है, जिसका मान $10^{-9}$ मीटर के बराबर होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु की त्रिज्या मापने के लिए किया जाता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, यदि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन और जीन प्रवाह जैसे कारक प्रभाव न डालें। 2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) का प्रभाव बड़ी आबादी की तुलना में छोटी आबादी पर अधिक तीव्र और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 3. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही अनुवांशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं जो जनसंख्या की आनुवंशिक विविधता को कम करते हैं। 4. लैमार्क के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीजमैन (Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of continuity of germplasm) द्वारा पूरी तरह से सही ठहराया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं। 2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है। 3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है। 4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन, उनके समवयव (Isomers) और ईंधन की दहन विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शाखित श्रृंखला वाले ऐल्केन (Branched-chain alkanes) की तुलना में सीधी श्रृंखला वाले ऐल्केन (Straight-chain alkanes) में ऑक्टेन संख्या अधिक होती है, जिसके कारण वे आंतरिक दहन इंजन (Internal combustion engines) में 'नॉकर्स' (Knockers) के रूप में कार्य करते हैं। 2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित ऐल्कीन पर हाइड्रोजन हैलाइड का योग होने पर अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है। 3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें अत्यधिक गंध के लिए जानबूझकर एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) नामक सल्फर यौगिक मिलाया जाता है ताकि गैस रिसाव का आसानी से पता चल सके। 4. एसिटिलीन (एथाइन) एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलने पर अत्यधिक उच्च तापमान की लौ उत्पन्न करता है, जिसका उपयोग धातुओं की वेल्डिंग और कटाई के लिए ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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