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General Science
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के संचरण तथा ध्वनि तरंगों की प्रकृति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होता है, जिसके कारण माध्यम में संपीड़न (Compressions) और विरलन (Rarefactions) क्षेत्रों का निर्माण होता है, और यह तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस- तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
  2. 2. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के कणों का कंपन तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होता है, जिससे श्रृंग (Crests) और गर्त (Troughs) बनते हैं, और यह विशेषता केवल ठोसों तथा द्रवों की सतह पर ही संभव है, क्योंकि गैसों में इनके संचरण के लिए आवश्यक अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है।
  3. 3. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रम है, क्योंकि संपीड़न और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न ऊष्मा को बाहर जाने या बाहर से अंदर आने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।
  4. 4. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है क्योंकि गैस के अणुओं का वर्ग-माध्य-मूल वेग (Root mean square velocity) तापमान के वर्गमूल के समानुपाती होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि अनुदैर्ध्य तरंगों में कणों का कंपन संचरण की दिशा के समानांतर होता है और इनसे संपीड़न तथा विरलन बनते हैं, जो सभी माध्यमों में संभव हैं। कथन 2 सही है क्योंकि अनुप्रस्थ तरंगों के लिए अपरूपण प्रत्यास्थता की आवश्यकता होती है, जो सामान्यतः गैसों में नहीं पाई जाती है। कथन 3 गलत है क्योंकि लाप्लास ने यह स्पष्ट किया था कि ध्वनि का संचरण वायु में एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रम होता है, न कि समतापीय, क्योंकि ताप का आदान-प्रदान नहीं हो पाता और प्रक्रम अत्यंत तीव्र होता है। कथन 4 सही है क्योंकि ध्वनि की चाल गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है ($v \propto \sqrt{T/d}$)। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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